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सरकारी एंबुलेंस में इमरजेंसी सेवा देने वाले कर्मचारियों पर वेतन संकट, हड़ताल की तैयारी

कोरबा में एंबुलेंस कर्मियों ने की स्ट्राइक की तैयारी, वेतन संकट को लेकर फैसला

Ambulance workers in Korba
वेतन संकट से कोरबा एंबुलेंस कर्मी नाराज (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 8, 2025 at 10:40 PM IST

3 Min Read
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कोरबा: सरकारी एंबुलेंस संजीवनी डायल 108, संजीवनी एक्सप्रेस में इमरजेंसी सेवा देने वाले कर्मचारियों पर वेतन का संकट आ गया है. कर्मचारियों का कहना है कि 3 महीने में एक बार वेतन दिया जा रहा है. जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. अब संजीवनी के तकनीकी कर्मचारियों के साथ ही पायलट भी हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. कलेक्टर और सीएमएचओ को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है. समय पर वेतन भुगतान नहीं होने पर वह 12 दिसंबर से अनिश्चित हड़ताल पर चले जाएंगे

ग्रेच्युटी भुगतान की मांग

डायल 108 पर लोगों को इमरजेंसी एंबुलेंस की सेवा सरकार प्रदान करती है. कोरबा जिले में इसमें लगभग 50 कर्मचारी हैं. कुल 11 एंबुलेंस है, औसतन 4 से 5 कॉल प्रतिदिन प्रति एंबुलेंस द्वारा अटेंड किया जाता है. इमरजेंसी एंबुलेंस में सेवा देने वाले कर्मचारियों को 2019 से होने ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है. 12-12 घंटे तक का काम लिया जाता है, लेकिन महज 9910 रुपए का वेतन प्रदान किया जाता है.

कोरबा में एंबुलेंसकर्मियों ने प्रशासन को दी चेतावनी (ETV BHARAT)

समय पर नहीं मिलती सैलरी

यह वेतन भी समय पर नहीं मिलता. दो या तीन माह में एक बार वेतन दिया जाता है. जिससे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से वह परेशान रहते हैं. लगातार कई वर्षों तक काम करने के बाद भी वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. इसके पहले भी 1 दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन में हम अपनी मांगों को आवेदन के माध्यम से कलेक्टर के समक्ष रख चुके हैं. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है.

Sanjeevani Dial and Sanjeevani Express
संजीवनी डायल 108 और संजीवनी एक्सप्रेस (ETV BHARAT)

कर्मचारियों ने मीडिया से बताई आपबीती

ईएमटी(इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के तौर पर सरकारी एंबुलेंस में सेवा देने वाले चंद्रप्रकाश सिदार का कहना है कि 3 महीने में एक बार वेतन दिया जाता है. जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है सरकारी एंबुलेंस का ठेका फिलहाल जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज 108 प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है.

कंपनी को भी हमने अपने हालात से अवगत कराया है. लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला है. यही हाल रहा तो हमारे लिए आगे काम करना और भी मुश्किल होगा- चंद्रप्रकाश सिदार, एंबुलेंस कर्मी

कर्मचारियों में नाराजगी

एंबुलेंस कर्मी बुधराम कुर्रे कहते हैं कि हमारा वेतन काफी कम है. वो भी समय पर नहीं मिलता, हमारा भी परिवार है. बच्चों के स्कूल फीस से लेकर घर के राशन तक की जिम्मेदारी रहती है, यदि वेतन समय पर मिल जाए तो हमें काफी . इसके बावजूद कंपनी की तरफ से कुछ भी आश्वासन नहीं मिल रहा है. यदि वह कोई आश्वासन भी दे देते, तो हम आंदोलन ना करते हैं.

हमारी एकमात्र समस्या वेतन है, हमें समय पर वेतन दिया जाए तो हमारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा. हमारी ग्रेच्युटी भी लंबित है, लेकिन इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है. हमने कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा है. समस्याओं का समाधान नहीं होने पर हम 12 दिसंबर से हड़ताल पर जाएंगे- रामेश्वरी कंवर, महिला ईएमटी

कोरबा के एंबुलेंस कर्मियों ने वेतन को रेगुलर करने की मांग की है. अगर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ऐसा नहीं होता है तो वह आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे.

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