केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी, गृह मंत्रालय तक पहुंची बात
केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान को धमकी मिली है. इसके बाद गृह मंत्रालय को इसको लेकर पत्र भेजा गया है. रिपोर्ट- राजीव रंजन पाठक.

Published : September 1, 2026 at 6:13 PM IST
पटना : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलली है. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. केंद्रीय मंत्री के मंत्रालय को एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ है. यह संदेश बिना हस्ताक्षर का बताया जा रहा है, जिसमें चिराग पासवान को जल्द जान से मारने की धमकी दी गई है. संदेश में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.
संदेश में दी गई धमकी : मिली जानकारी के अनुसार, धमकी भरे संदेश में लिखा गया है- ''आपको जल्द ही कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा.'' संदेश सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित अधिकारी सतर्क हो गए हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी भेजने वाला व्यक्ति कौन है और उसका उद्देश्य क्या है? मामले की गंभीरता को देखते हुए संदेश की सत्यता और इसके स्रोत की जांच शुरू किए जाने की मांग की गई है.
गृह सचिव को दी गई तत्काल जानकारी : केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को धमकी मिलने की जानकारी गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह सचिव को भी तत्काल इसकी जानकारी दी गई है. अधिकारियों से धमकी के स्रोत का पता लगाने, संदेश की प्रमाणिकता की जांच करने और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका होने पर गहन जांच कराने का अनुरोध किया गया है.

धमकी में दर्ज दोनों मोबाइल नंबर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इन नंबरों का इस्तेमाल किस व्यक्ति या समूह द्वारा किया गया और धमकी भेजने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था. संबंधित स्तर पर यह भी अनुरोध किया गया है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा बढ़ाई जाए.
पहले से Z श्रेणी की सुरक्षा : चिराग पासवान को पहले से ही गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. केंद्रीय मंत्री के पद और उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी है. ऐसे में जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा किए जाने की मांग की गई है.
साजिश की आशंका की जांच की मांग : धमकी भरे संदेश में आतंकवादियों का उल्लेख किए जाने के कारण मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले यह कहना संभव नहीं है कि धमकी के पीछे वास्तव में कोई आतंकी संगठन या उससे जुड़ा व्यक्ति है. एजेंसियां संदेश के तकनीकी स्रोत, मोबाइल नंबरों और अन्य उपलब्ध सुरागों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकेंगी. फिलहाल चिराग पासवान को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं.
ये भी पढ़ें :-
Explainer: आरक्षण पर जीतनराम मांझी Vs चिराग पासवान.. क्या बिहार में बदलेगी दलित पॉलिटिक्स?

