'केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर की है ट्रेड डील, किसानों को होगा भारी नुकसान': अभय सिंह चौटाला
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.

Published : February 16, 2026 at 8:53 PM IST
चंडीगढ़ः इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि "भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर ट्रेड डील की है. इस ट्रेड डील का सबसे ज्यादा नुकसान देश के किसानों को होगा. इससे कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब की खेती करने वाले किसानों को भी भारी नुकसान होगा."
'32 एकड़ से ज्यादा जमीन पर लगता है सीलिंग एक्ट': उन्होंने कहा कि "हमारे यहां कोई भी बड़ा जमींदार नहीं है. किसानों पर औसतन 1 हेक्टेयर जमीन है. अगर कोई हजारों करोड़ की इंडस्ट्री लगाता है तो सरकार उसको 25-65 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है. लेकिन कोई किसान 32 एकड़ से ज्यादा जमीन रखता है तो सरकार उसे सीलिंग एक्ट के अंदर ले लेती है. अमेरिका में सीलिंग एक्ट नहीं है. वहां सिर्फ 8 प्रतिशत किसान हैं. उनके पास हजारों एकड़ के खेत हैं. वहां किसानों की फसल खराब होती है तो सरकार अच्छा खासा मुआवजा देती है. लेकिन यहां अगर गांव की फसल खराब है तो ही किसान की फसल खराब मानी जाती है. उसकी भी सही गिरदावरी का कोई तरीका नहीं है."
'ट्रेड डील पर संसद में चर्चा नहीं करना चाहती है सरकार': उन्होंने कहा कि "हम कोई सामान निर्यात करते हैं तो उस पर टैरिफ है. लेकिन अमेरिका से कोई माल आएगा तो उस पर कोई टैरिफ नहीं है. इससे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा. इसका नुकसान डेयरी वाले किसानों को भी होगा क्योंकि छोटा किसान जिसके पास ज्यादा जमीन नहीं होती वो ही पशु पालता है और जीवन चलाता है. ट्रेड डील के ऊपर केंद्र सरकार संसद में चर्चा भी नहीं करवाना चाहती. जब विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा की मांग की तो कार्रवाई को बार-बार स्थगित कर दिया गया. ट्रेड डील देश से जुड़ा हुआ मामला है. इस पर चर्चा होनी चाहिए. लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को बोलने की अनुमति नहीं दी."
'मैं किसान नेताओं को चिट्ठी भी लिखूंगा': उन्होंने कहा कि "ट्रेड डील तो तीन काले कानूनों से भी ज्यादा बुरी है. किसान नेताओं को इसका खुलकर विरोध करना चाहिए. मैं किसान नेताओं को चिट्ठी भी लिखूंगा. हम किसानों में जागृति लाएंगे. सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे नहीं तो किसान फिर सड़कों पर आएगा और बड़ा प्रदर्शन करेगा. इस ट्रेड डील से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र का कपास उद्योग भी चौपट हो जाएगा. अमेरिका के कपास की गुणवत्ता भारत की कपास से ज्यादा अच्छी है. विदेश में किसानों को कपास के अच्छे बीज उपलब्ध करवाए जाते हैं. जबकि भारत में किसानों को घटिया खाद, बीज और कीटनाशक मिल रहे हैं. भारत की कपास की फसल में गुलाबी सुंडी नामक बीमारी आ जाती है, जिससे पूरा उत्पादन चौपट हो जाता है. इसका कोई इलाज अभी तक नहीं हुआ."
'हरियाणा के किसानों पर 60 हजार करोड़ का कर्जा है': हरियाणा के किसानों पर कर्ज के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि "केंद्रीय कृषि मंत्री ने पार्लियामेंट में स्वीकार किया कि हरियाणा के किसानों पर 60 हजार करोड़ का कर्जा है. सरकार के आंकड़े ही बता रहे हैं कि हरियाणा का किसान भारी कर्ज के नीचे दबा हुआ है. दूसरा हरियाणा सरकार पर 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कर्ज है. ऐसे में बीजेपी सरकार के विकास के दावे पूरी तरह से फर्जी हैं."
'हरियाणा में रिश्तेदार कॉलोनाइजर बने हुए हैं': अभय सिंह चौटाला ने "बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री, सरकार के मंत्री विधायक और उनके रिश्तेदार कॉलोनाइजर बने हुए हैं. हरियाणा में धड़ल्ले से कॉलोनियां काटने के लाइसेंस दिए जा रहे हैं. यह सभी लाइसेंस जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों के नाम पर जारी होते हैं. प्रदेश को जमकर लूटने का काम किया जा रहा है."
'जनता ने इन लोगों को नकार दिया है': पूर्व मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की पार्टी नेता संपत सिंह को लेकर दिए गए बयान पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि "जिसकी जैसी सोच होती है. वैसे ही विचार रखते हैं. जनता ने इन लोगों को नकार दिया है. इनके पास अब कुछ नहीं बचा है."
'20 फरवरी को पंचकूला में बुजुर्ग विजय दिवस': अभय चौटाला ने कहा कि "बुढ़ापा सम्मान पेंशन काटने के खिलाफ हमारी अपील पर पूरे हरियाणा से बुजुर्ग लामबंद हुए. उन लोगों ने इनेलो पार्टी के प्रदर्शन में आने के लिए वीडियो तक डाल दिए थे. हम विधानसभा में मुख्यमंत्री से पूछेंगे कि जब आपने कहा था कि 1 लाख 5 हजार बुजुर्गों की मौत हो चुकी है. इसलिए उनकी पेंशन बंद हो गई है. लेकिन अब पेंशन शुरू कर दी तो अब कैसे शुरू कर दी. हम 20 फरवरी को पंचकूला में बुजुर्ग विजय दिवस मनाएंगे. अगर इस सरकार ने हमारे फैसले बदलने की कोशिश की तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा."
'बस उनसे पैसे इकट्ठा करेंगे और खा जाएंगे': उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि "अशोक खेमका ने एसीएस रहते हुए कुछ लोगों की भर्ती की थी जो खर्ची की भर्ती थी क्योंकि यह भर्ती बिना किसी नियम के की गई थी. कोर्ट ने सरकार से इस पर जवाब मांगा तो सरकार ने इसका कोई जवाब नहीं दिया. सरकार अपने आप को और खेमका को बचाने के लिए चुप हो गई. हम विधानसभा में यह मुद्दा उठाएंगे. प्राइवेट स्कूलों के मामले पर अभय चौटाला ने कहा कि सरकार किसी स्कूल की मान्यता रद्द नहीं करेगी. बस उनसे पैसे इकट्ठा करेंगे और खा जाएंगे. ऐसा इन्होंने पहले भी कई बार किया है."

