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उत्तराखंड के स्नो कवर्ड एरियाज में आज से होगा जनगणना का कार्य, 131 गांव और तीन शहर शामिल

उत्तराखंड के हिम आच्छादित क्षेत्रों में आज से जनगणना का कार्य शुरू होगा. इस क्षेत्रों में 338 लोगों ने स्व गणना की.

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उत्तराखंड के स्नो कवर्ड एरियाज में जनगणना का कार्य (PHOTO-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 31, 2026 at 10:01 PM IST

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Updated : September 1, 2026 at 6:44 AM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में जनगणना के दूसरे चरण के तहत हिम आच्छादित क्षेत्र में जनगणना का कार्य 1 सितंबर यानि आज से शुरू होने जा रहा है. जिस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर आबादी की गणना करेंगे. जिसको लेकर जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई है. इस विशेष अभियान के लिए अब तक कुल 182 प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 139 प्रगणक एवं 43 पर्यवेक्षक शामिल हैं. वहीं, 17 अगस्त से 31 अगस्त तक चल स्वगणना के दौरान हिमाचली क्षेत्र में रह रहे करीब 55 हजार लोगों में से मात्र 338 लोगों ने स्वगणना किया है.

जनगणना के इस विशेष अभियान के तहत उत्तराखंड के चार हिमाच्छादित जिलों, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले के तहत आने वाले 131 हिमाच्छादित गांवों एवं 3 शहरी स्थानीय निकायों, बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री में संचालित किया जाएगा. जनगणना कार्य के लिए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्य संपन्न हो चुका है. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें जनगणना की अवधारणा एवं प्रक्रियाओं, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों को एकत्र करना, निर्धारित प्रगणना क्षेत्रों की पहचान के साथ ही सूचना की शुद्धता एवं पूर्णता सुनिश्चित करने से संबंधित जानकारी दी गई है.

उत्तराखंड के हिम आच्छादित क्षेत्र के 131 गांव और तीन शहरों में जनगणना का कार्य होना है. जिसके तहत, चमोली जिले के 23 गांव और बदरीनाथ नगर पंचायत, रुद्रप्रयाग जिले के चार गांव और केदारनाथ नगर पंचायत, उत्तरकाशी जिले के 69 गांव और गंगोत्री नगर पंचायत के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के 35 गांव शामिल हैं. जनगणना कार्य के लिए 139 प्रगणक और 43 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं. इसके अलावा 17 अगस्त से 31 अगस्त के बीच चले स्वगणना के दौरान कुल 338 लोगों ने स्वगणना किया है. जिसमें उत्तरकाशी जिले के 277, चमोली जिले के 29, पिथौरागढ़ जिले के 24 और रुद्रप्रयाग जिले के 8 लोग शामिल हैं.

जनगणना प्रक्रिया में जनता की भागीदारी भी देखने को मिली है. 31 अगस्त 2026 तक कुल 338 नागरिकों ने स्व-गणना (Self-Enumeration) के जरिए खुद की गणना की है. ऐसे में जनगणना के दौरान जब प्रगणक घर-घर लोगों की गणना करने जाएंगे, उस दौरान स्वगणना कर चुके लोगों को प्रगणक को सिर्फ स्व गणना नंबर उपलब्ध कराना होगा. जिस नंबर को जब प्रगणक अपने मोबाइल ऐप पर डालेगा, उस संबंधित व्यक्ति की सभी जानकारी प्रकरण के मोबाइल में डाउनलोड हो जाएगी.

ज्यादा जानकारी देते हुए जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि, हिमाच्छादित क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जनगणना कार्य का समय पर संचालन करना काफी महत्वपूर्ण है. जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की ओर से राज्य सरकार एवं संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं.

जनगणना कार्य के दौरान किसी भी व्यक्ति से ओटीपी (One Time Password) नहीं मांगा जाएगा. नागरिक किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या अन्य संवेदनशील वित्तीय जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सावधान रहें. निदेशक ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य के दौरान अधिकृत प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, जिससे हर व्यक्ति एवं परिवार की सही और पूर्ण गणना की जा सके.
-इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय-

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Last Updated : September 1, 2026 at 6:44 AM IST