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यूपी में जनगणना; छह लाख कर्मचारी तैनात होंगे, जानिए कब होगी जाति की गणना, सबकुछ डिजिटल

उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश.

यूपी में जनगणना.
यूपी में जनगणना. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 9:47 AM IST

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Updated : January 6, 2026 at 12:05 PM IST

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एसएलसीसीसी) की दूसरी बैठक सोमवार को हुई. बैठक में जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई और कई अहम फैसले लिए गए. मुख्य सचिव ने बैठक में साफ निर्देश दिए कि जनगणना-2027 की सभी तैयारियां समय पर पूरी हों, विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो और डिजिटल तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के 6 लाख कर्मचारी इसमें तैनात किए जाएंगे.

उन्होंने प्रशिक्षण पर खास जोर देते हुए कहा कि प्रभावी ट्रेनिंग के लिए अच्छे प्रशिक्षकों का चयन किया जाए, ताकि गणना का काम पारदर्शी और सटीक हो सके. बैठक में तय हुआ कि जनगणना का पहला चरण यानी हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस (HLO) और आवास जनगणना का क्षेत्रीय कार्य मई-जून 2026 में होगा. इस काम में प्रदेश भर से करीब छह लाख कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा. पूरा डेटा संग्रह, एंट्री, सत्यापन और मॉनिटरिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा.

इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी. एक महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया कि 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रदेश में किसी भी प्रशासनिक इकाई जैसे जिला, तहसील, ब्लॉक, नगर पालिका या ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक है, ताकि जनगणना के आंकड़े सटीक रहें. सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य का नोडल विभाग बनाया गया है, जो राजस्व, गृह, शिक्षा, नगर विकास और पंचायती राज जैसे सभी विभागों के साथ समन्वय करेगा.

बैठक में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियों (DLCC) के गठन, जनगणना पदाधिकारियों की नियुक्ति, तकनीकी सहायता और कर्मचारियों के मानदेय जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. निदेशक (जनगणना कार्य) शीतल वर्मा ने बैठक में विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. दूसरे चरण में जाति गणना भी शामिल होगी और नागरिकों को पहली बार स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा मिलेगी, जिसमें वे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे. बैठक में पिछली बैठक (28 अक्टूबर 2025) के निर्देशों की समीक्षा की गई.

बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के कुछ ग्रामीण-शहरी इलाकों में हुए प्री-टेस्ट-2027 (HLO) के सफल होने पर संतोष जताया गया और फीडबैक को आगे की योजना में शामिल करने का फैसला हुआ. बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, सचिव गृह मोहित गुप्ता, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद कंचन वर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. यह जनगणना न केवल प्रदेश की जनसंख्या का सटीक आकलन करेगी, बल्कि विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार भी प्रदान करेगी.

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Last Updated : January 6, 2026 at 12:05 PM IST