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झारखंड में जनगणना की धीमी रफ्तार, जनगणना निदेशक प्रभात कुमार ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में बताई वजह

झारखंड में जनगणना शुरू हो चुकी है. लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है. उम्मीद की जा रही है कि इसमें तेजी आएगी.

Census in Jharkhand
जनगणना जागरूकता पोस्टर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 6, 2026 at 5:36 PM IST

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रांची: झारखंड सहित पूरे देश में जनगणना 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं. डिजिटल माध्यम से झारखंड में इसकी शुरुआत 1 मई 2026 से हो चुकी है. पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) और 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर सर्वेक्षण होगा.

स्व-गणना की धीमी रफ्तार

शुरुआती छह दिनों में झारखंड में स्व-गणना की गति काफी धीमी रही है. मात्र 35 हजार लोगों ने ही अपना डेटा ऑनलाइन दर्ज किया है. भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा भागीदारी रांची जिले की है, जहां 6041 लोगों ने स्व-गणना की. दूसरे स्थान पर पूर्वी सिंहभूम (3049) है, जबकि सबसे कम लोहरदग्गा जिले में सिर्फ 426 लोगों ने हिस्सा लिया.

प्रभात कुमार से बात करते संवाददाता भुवन किशोर झा (ETV Bharat)

निदेशक का बयान- टालने की प्रवृत्ति है वजह

जनगणना निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार ने ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में कहा कि लोगों की उदासीनता नहीं, बल्कि काम को आगे टालने की आम प्रवृत्ति इसके पीछे हो सकती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि 15 मई तक समय बचा है और स्वैच्छिक प्रक्रिया होने के कारण संख्या में इजाफा होगा.

जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

प्रभात कुमार ने बताया कि सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्व-गणना की वर्तमान स्थिति का आकलन कर अपने-अपने जिलों में तेजी लाएं. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक, खासकर पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.

Census in Jharkhand
जनगणना के आंकड़े (ETV Bharat)

पोर्टल में कोई तकनीकी समस्या नहीं

निदेशक ने पोर्टल में किसी भी तरह की तकनीकी खामी से इनकार किया. उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है और पोर्टल 24×7 सुचारू रूप से काम कर रहा है.

ग्रामीणों से अपील- भ्रांतियां दूर करें

प्रभात कुमार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि जनगणना को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति में न पड़ें. यह पूरी तरह सुरक्षित है और डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी.

स्व-गणना कैसे करें?

  • 1 मई से 15 मई तक परिवार का मुखिया se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर खुद अपना और परिवार का डेटा भर सकता है.
  • 16 मई से 14 जून तक प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर इसकी जांच एवं सत्यापन करेंगे.
  • स्व-गणना के दौरान मिलने वाले OTP किसी के साथ साझा न करें.
  • प्रगणक की आईडी जांचने के बाद ही एंट्री नंबर दें.

जनगणना में पूछे जाएंगे 33 सवाल

प्रारंभिक चरण में मकानों की सूची तैयार होगी. इसमें शामिल प्रमुख सवाल कुछ इस तरह के होंगे.

  • मकान संबंधी: भवन संख्या, मकान का प्रकार, दीवार-छत-फर्श की सामग्री, मकान की स्थिति व उपयोग.
  • परिवार संबंधी: सदस्यों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग (SC/ST आदि).
  • सुविधाएं: मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, रसोईघर की स्थिति, LPG/PNG कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन.
  • आधारभूत संसाधन: प्रकाश का स्रोत, रेडियो/टीवी, इंटरनेट, साइकिल, मोटरसाइकिल, कार आदि की उपलब्धता.

जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें विस्तृत जनसंख्या गणना की जाएगी. सरकार लोगों से अपील कर रही है कि समय रहते स्व-गणना पूरा कर लें ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके.

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