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जनगणना ड्यूटी पर यू-टर्न, शिक्षकों को 11:30 बजे रिलीव करने का आदेश वापस, अब स्कूल प्रमुख करेंगे फैसला

स्कूल प्रमुखों से मिले सुझावों और जमीनी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ये आदेश जारी किया गया है.

TEACHERS CENSUS DUTY HIMACHAL
शिक्षा विभाग ने वापस लिया जनगणना ड्यूटी से जुड़ा आदेश (FILE@ETVBHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 4, 2026 at 7:02 PM IST

3 Min Read
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शिमला: सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच शिक्षा विभाग ने बड़ा और व्यावहारिक फैसला लिया है. जनगणना-2027 के कार्य में लगे शिक्षकों को प्रतिदिन सुबह साढ़े 11 बजे (11:30 AM) स्कूल से अनिवार्य रूप से रिलीव करने संबंधी शुक्रवार को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है. अब सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों और हाई स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं मुख्याध्यापक अपने अपने स्कूलों की वास्तविक जरूरत, विद्यार्थियों की कक्षाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और समय-सारिणी को ध्यान में रखते हुए यह तय करेंगे कि संबंधित शिक्षक को जनगणना ड्यूटी के लिए किस समय रिलीव किया जाए. विभाग के इस निर्णय से जहां स्कूलों में नियमित शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी, वहीं जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य को भी सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा.

पहले जारी किए गए थे ये आदेश

दरअसल, पूर्व आदेश के अनुसार जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को रोजाना सुबह साढ़े 11 बजे तक स्कूल से रिलीव करना अनिवार्य किया गया था. हालांकि आदेश लागू होने के बाद कई सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने लगी. कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं खाली रहने लगीं, जबकि कहीं समय-सारिणी को बार बार बदलने की नौबत आ गई. इससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई. विभिन्न स्कूल प्रमुखों ने विभाग के समक्ष अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से रखा और व्यवस्था में लचीलापन लाने का आग्रह किया.

Teachers Census Duty Himachal
उप-निदेशक ने जारी किए आदेश (NOTIFICATION)

उप-निदेशक ने जारी किए आदेश

स्कूल प्रमुखों से मिले सुझावों और जमीनी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद उप निदेशक उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा ऊना की ओर से संशोधित आदेश जारी किया गया है. नए निर्देशों के अनुसार अब किसी निश्चित समय पर शिक्षकों को रिलीव करना अनिवार्य नहीं होगा. इसके बजाय प्रत्येक स्कूल का प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय ले सकेगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित न हो और जनगणना कार्य में लगे. शिक्षक भी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें. विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रमुख यह करेंगे कि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें, विद्यार्थियों का हित सर्वोपरि बना रहे और जनगणना कार्य के लिए आवश्यक समय भी संबंधित शिक्षकों को उपलब्ध कराया जाए. आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों का टाइम टेबल भी बदला जा सकता है, ताकि दोनों जिम्मेदारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके.

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