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स्व-गणना में देशभर में बिहार टॉप पर, जनगणना 2027 के पहले चरण 'हाउस लिस्टिंग' की राज्य में हुई शुरुआत

बिहार ने एक बार फिर से नजीर पेश किया है. जनगणना 2027 को लेकर देशभर में सबसे अव्वल राज्य आया है. पढ़ें खबर

census 2027
जानकारी देती जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन निदेशक रंजिता (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 2, 2026 at 8:04 PM IST

4 Min Read
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पटना : जनगणना 2027 के तहत शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया में बिहार ने पूरे देश में अव्वल स्थान हासिल किया है. राज्य के लाखों परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह साफ हो गया कि डिजिटल जनभागीदारी के मामले में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी को लेकर पटना स्थित जनगणना कार्य निदेशालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी और लोगों से आगे भी सहयोग की अपील की.

जनगणना 2027 का पहला चरण : जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन की निदेशक रंजिता ने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण, यानी मकान-सूचीकरण (हाउस-लिस्टिंग) बेहद महत्वपूर्ण है. इस चरण में राज्य के सभी मकानों का सूचीकरण किया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक घर की बुनियादी जानकारी एकत्र की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया आगे होने वाली जनगणना को सटीक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में आधार तैयार करेगी.

''इस बार जनगणना में तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है. लोगों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन साझा करने की सुविधा दी गई, जिसे स्व-गणना कहा गया. इस प्रक्रिया में बिहार के 4682284 परिवारों ने हिस्सा लिया. उन्होंने बताया कि देश के लगभग 16 राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें बिहार सबसे आगे रहा. बिहार में 17 अप्रैल से 1 मई तक चली इस प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी काफी उत्साहजनक रही.''- रंजिता, निदेशक, जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन

टॉप पर मधुबनी : जिलों की बात करें तो मधुबनी, वैशाली और दरभंगा ने स्व-गणना में सबसे ज्यादा योगदान दिया. मधुबनी में 590248 परिवारों ने स्व-गणना पूरी की, जबकि वैशाली में 572326 और दरभंगा में 484257 परिवारों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा गोपालगंज में 298637, पटना में 230249, भोजपुर में 201666, औरंगाबाद में 159012, खगड़िया में 158900, पश्चिम चंपारण में 129936 और पूर्णिया में 116024 शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहे. खास बात यह रही कि जो लोग पोर्टल पर गए, उनमें से 96 प्रतिशत से अधिक ने स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी भी की.

कैसे होगी मकान की गणना? : निदेशक रंजिता ने आगे बताया कि जिन लोगों ने स्व-गणना में हिस्सा लिया है, उनके घरों का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया जाएगा. स्व गणना के दौरान लोकेशन पता पोर्टल पर गया हुआ है. ऐसे में जो लोकेशन है उसके तहत शहरी क्षेत्रों में 100 मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर की परिधि के भीतर घरों का प्रगणक द्वारा सत्यापन किया जाएगा. वहीं, जो लोग स्व-गणना में शामिल नहीं हुए हैं, उनके मकानों की गिनती प्रगणकों द्वारा सीधे जाकर की जाएगी. मकान सूचीकरण और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करने का यह कार्य 2 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा.

'सक्रिय ठगों से रहें सतर्क' : उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि जनगणना के नाम पर सक्रिय ठगों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है. कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ लोग प्रगणक बनकर लोगों से ओटीपी या निजी जानकारी मांगकर ठगी कर रहे हैं. निदेशक ने स्पष्ट किया कि जनगणना के लिए आने वाले कर्मचारी किसी भी प्रकार का ओटीपी, पैन नंबर, आधार नंबर या वोटर आईडी नहीं मांगते हैं और न ही किसी लिंक को खोलने के लिए कहते हैं.

''नागरिकों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति जनगणना के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी मांगता है या संदेहास्पद गतिविधि करता है, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित जिला प्रशासन को दें. इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1855 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.''- रंजिता, निदेशक, जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन

उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है. जनगणना की वास्तविक रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार आने वाले समय में योजनाएं बनाएगी. इसलिए हर व्यक्ति को जनगणना के लिए उनके घर आने वाले प्रगणक को पूरा सहयोग करना चाहिए और वह सहयोग का आग्रह करेंगी.

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