CBSE का बड़ा फैसला: कक्षा 6 में तीसरी भाषा लागू करने पर सख्ती, स्कूलों को 31 मई तक करना होगा अपडेट
CBSE के इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को एक से अधिक भारतीय भाषाओं का ज्ञान देना और उनकी भाषाई क्षमता को मजबूत करना है.

Published : May 5, 2026 at 8:34 PM IST
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 6 में तीसरी भाषा (R3) को लागू करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सख्त रुख अपनाया है. बोर्ड ने कहा है कि सभी संबद्ध स्कूलों को तय समयसीमा के अंदर OASIS पोर्टल पर अपनी भाषा का चयन अपडेट करना अनिवार्य होगा. यह सर्कुलर पहले जारी 9 अप्रैल 2026 के आदेश के फॉलो-अप के रूप में आया है.
CBSE ने यह निर्णय नई शिक्षा व्यवस्था 2026-27 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCFSE-2023) के तहत लिया है. इसका उद्देश्य छात्रों को एक से अधिक भारतीय भाषाओं का ज्ञान देना और उनकी भाषाई क्षमता को मजबूत करना है. बोर्ड का मानना है कि इससे न केवल छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि वह देश की विविध भाषाओं और संस्कृतियों को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे.
क्या है स्थिति: बोर्ड के अनुसार, बड़ी संख्या में स्कूलों ने पहले ही OASIS पोर्टल पर अपनी चुनी हुई R3 भाषा को अपडेट कर दिया है. हालांकि, कुछ स्कूल अब भी इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं. वहीं, कुछ स्कूलों ने ऐसे भाषा विकल्प चुने हैं जो नीति के अनुरूप नहीं हैं. ऐसे में CBSE ने सभी स्कूलों को अंतिम मौका देते हुए निर्देश जारी किया है.
स्कूलों के लिए सख्त निर्देश और समयसीमा: CBSE द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, जिन स्कूलों ने अभी तक R3 भाषा का चयन OASIS पोर्टल पर अपडेट नहीं किया है, वह 31 मई 2026 तक यह प्रक्रिया हर हाल में पूरी करें. जिन स्कूलों ने गलत या नीति के खिलाफ भाषा विकल्प भरे हैं, उन्हें भी इसी तारीख तक सुधार करने का मौका दिया गया है.
किताबों और पढ़ाई को लेकर क्या व्यवस्था: CBSE ने जानकारी दी है कि संविधान में शामिल भारतीय भाषाओं के लिए R3 की आधिकारिक किताबें 1 जुलाई 2026 से पहले CBSE और NCERT की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएंगी. इससे स्कूलों और छात्रों को पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं होगी. वहीं, अगर कोई स्कूल ऐसी भाषा चुनता है जो संविधान की सूची में नहीं है, तो उसे राज्य स्तर (SCERT) या अन्य मान्यता प्राप्त सामग्री का उपयोग करना होगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पाठ्यक्रम NCFSE-2023 के मानकों के अनुरूप हो.
CBSE ने स्पष्ट कर दिया है कि हर स्कूल को R1, R2 और R3 मॉडल के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाओं की पढ़ाई सुनिश्चित करनी होगी. जिन स्कूलों में अभी तक यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है, उन्हें तुरंत इसे शुरू करना होगा.
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