UKSSSC पेपर लीक केस, आरोपियों को विशेष CBI कोर्ट से लगा झटका, अर्जी हुई खारिज
आरोपियों ने जांच के ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, जिन्हें CBI ने अपनी चार्जशीट का हिस्सा नहीं बनाया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 6, 2026 at 7:52 PM IST
देहरादून: साल 2022 में 21 सितंबर को हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपियों को विशेष CBI अदालत से बड़ा झटका लगा है. विशेष CBI न्यायालय ने आरोपियों की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) जांच के ऐसे दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. जिन्हें CBI ने अपनी चार्जशीट का हिस्सा नहीं बनाया है.
दरहसल अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान चरण में केवल वहीं दस्तावेज देखे जा सकते हैं, जो जांच एजेंसी की चार्जशीट का हिस्सा हैं. ऐसे दस्तावेजों की प्रतियां, जिन पर CBI ने भरोसा नहीं किया है, चार्ज तय होने के चरण में उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं.
आरोपियों की ओर से दायर आवेदन में मांग की गई थी कि SIT जांच के दौरान एकत्र किए गए उन दस्तावेजों और गवाहों के बयानों की प्रतियां भी दी जाएं, जिन्हें CBI ने अपनी जांच में शामिल नहीं किया. हालांकि अदालत ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया. सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि SIT जांच के जिन दस्तावेजों और गवाहों के बयानों पर उसने भरोसा नहीं किया, वे उसकी चार्जशीट का हिस्सा नहीं हैं. इसलिए इस स्तर पर उन्हें उपलब्ध कराने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता.
विशेष CBI अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आरोपियों को ऐसे दस्तावेजों की सूची दी जा सकती है, लेकिन उनकी प्रतियां चार्ज फ्रेमिंग के समय नहीं दी जा सकतीं. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मुकदमे के दौरान बचाव पक्ष को किसी दस्तावेज की आवश्यकता महसूस होती है तो वह उचित समय पर कानून के तहत नया आवेदन कर सकता है.
गौरतलब है कि 21 सितंबर 2022 को हुई UKSSSC स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच के दौरान पुलिस और SIT ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत, खालिद सैफी, साबिया सैफी सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं, जो वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं.
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