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गीतांजलि गर्ग की मौत बनी पहेली, 12 साल बाद CJM पति और सास-ससुर सीबीआई कोर्ट से बरी

स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने 12 साल से भी ज्यादा पुराने दहेज हत्या मामले में एक ज्यूडिशियल ऑफिसर और उनके माता-पिता को बरी कर दिया है.

CBI court acquits Haryana judicial officer Ravneet Garg parents in 2013 dowry death case Geetanjali Garg
12 साल बाद CJM पति और सास-ससुर सीबीआई कोर्ट से बरी (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : December 17, 2025 at 10:34 PM IST

3 Min Read
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पंचकूला : स्पेशल CBI कोर्ट ने 12 साल से भी ज़्यादा पुराने दहेज-हत्या मामले में हरियाणा के एक ज्यूडिशियल ऑफिसर और उनके माता-पिता को बरी कर दिया है. ये मामला तब का है जब गुरुग्राम में उनकी पत्नी गोली लगने से मृत पाई गई थीं.

गीतांजलि गर्ग की गोली लगने से हुई थी मौत : कोर्ट ने 2013 के दहेज-हत्या मामले में उस समय गुरुग्राम के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रहे रवनीत गर्ग और उनके माता-पिता को बरी कर दिया है. गर्ग की पत्नी, गीतांजलि, जुलाई 2013 में गुरुग्राम पुलिस लाइंस इलाके के पास गोली लगने से मृत पाई गई थीं. जुलाई 2013 में गर्ग गुरुग्राम के CJM के पद पर तैनात थे. शुरुआत में, मामले की जांच हरियाणा पुलिस ने की थी, लेकिन परिवार की गुजारिश पर इसे सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दिया गया था.

रवनीत गर्ग और माता-पिता बरी : दिसंबर 2016 में CBI ने दायर की गई चार्जशीट में गर्ग और उनके माता-पिता पर दहेज के लिए महिला की मौत का आरोप लगाया गया था. ये मामला गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज किया था. उनके वकील, तर्मिंदर सिंह ने बताया कि अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल ने मंगलवार को तीनों आरोपियों रवनीत गर्ग, उनके माता-पिता के.के. गर्ग और रचना गर्ग को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. विस्तृत फैसला अभी जारी होना बाकी है.

"झूठा फंसाया गया" : बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि CBI ने चार्जशीट दाखिल करते समय IPC की धारा 304B (दहेज हत्या) के तहत आरोप में संशोधन किया और आरोपियों को झूठा फंसाया गया. उन्होंने आगे कहा कि ट्रायल के दौरान, दहेज की मांग और क्रूरता के आरोप झूठे साबित हुए. बचाव पक्ष ने ट्रायल के दौरान ये भी तर्क दिया कि शादी में क्रूरता या मनमुटाव का कोई सबूत नहीं था, और आगे कहा कि उनकी मौत के दिन भी, गीतांजलि ने अपने माता-पिता से सामान्य रूप से बात की थी और उत्पीड़न की कोई शिकायत नहीं की थी. सिंह ने कहा कि शुरुआत में, डॉक्टरों के एक बोर्ड ने राय दी थी कि गीतांजलि की हत्या की गई थी और बाद में, CBI द्वारा आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाया गया था.