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चूहों वाले अस्पताल में अब बिल्ली की म्याऊं, HIV वार्ड में घूमती दिखी बिल्ली, एजेंसी पर 50 हजार का जुर्माना

इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल से फिर सामने आई बड़ी लापरवाही, एचआईवी संक्रमित वार्ड में बिल्लियों का डेरा.

CAT INSIDE HIV WARD MY HOSPITAL
इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल से फिर सामने आई बड़ी लापरवाही (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 19, 2026 at 9:45 PM IST

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Updated : February 19, 2026 at 10:54 PM IST

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इंदौर : महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहा कांड के बाद अब यहां बिल्लियों का डेरा है. स्थिति यह है कि बिल्ली और उनके बच्चे एचआईवी संक्रमित मरीजों की यूनिट में घूम रहे हैं. मामले की शिकायत मिलते ही बिल्ली समेत दो बच्चों को पकड़ा गया है जबकि तीसरे की तलाशजारी है. इस स्थिति से नाराज अस्पताल प्रशासन ने जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार रु का जुर्माना भी ठोक दिया है. वहीं एमवाय अस्पताल के वार्ड में बिल्ली घूमने का वीडियो भी सर्कुलेट हो रहा है.

चूहों के बाद अस्पताल में बिल्लियों का डेरा

प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में चूहों के कुतरने के बाद तीन बच्चों की मौत का ममला अभी जांच समितियों और हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इस बीच अब यहां एचआईवी मरीज के वार्ड में बिल्लियों के घूमने का मामला सामने आया है. चौंकाने वाली बात यह है कि बीते दिनों वार्ड की ओपीडी में बिल्लियों ने तीन बच्चों को जन्म दिया है, जिनकी देखरेख अस्पताल का स्टाफ ही कर रहा है. ऐसी स्थिति में एचआईवी संक्रमित मरीज वाले अस्पताल के संवेदनशील क्षेत्रों में बिल्लियों की मौजूदगी ने एक बार फिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

चूहों के बाद अस्पताल में बिल्लियों का डेरा (Etv Bharat)

सुरक्षा एजेंसी पर 50 हजार का जुर्माना, लगाए गए पिंजरे

अस्पताल में फिलहाल एच.एल.एल. एजेंसी की सिक्योरिटी व्यवस्था है, जिस पर अस्पताल परिसर में सफाई और निगरानी व्यवस्था की जिम्मेदारी है लेकिन चूहों के बाद बिल्लियों की दस्तक से अस्पताल परिसर में सफाई और निगरानी व्यवस्था उजागर हो गई है. इधर इस मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जिम्मेदार एजेंसी पर इस चूक के लिए 50 हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया है. उन्होंने कहा, '' मामला संज्ञान में आते ही संबंधित एजेंसी को बिल्ली पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके चलते बिल्ली के तीन में से दो बच्चों का रेस्क्यू किया गया है जबकि तीसरे को जल्द पकड़ लिया जाएगा. जिम्मेदार एजेंसी को पिंजरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, पेस्ट और एनिमल कंट्रोल एजेंसी को भी तलब किया गया है.''

17 फरवरी की घटना, अब वीडियो आया सामने

इधर इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया, '' 17 फरवरी 2026 को चिकित्सालय परिसर में एक बिल्ली देखी गई थी. उक्त स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिल्ली को पकड़ने हेतु संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए. केन्टीन क्षेत्र में बिल्ली पकड़ने के लिए पिंजरा भी तत्काल रखवाया गया है. परिसर में बिल्ली द्वारा किसी भी प्रकार की क्षति नहीं की गई है. एच.आई.वी. मरीजों सहित सभी मरीजों की दवाइयां पूर्णतः सुरक्षित हैं.''

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मरीजों से की गई अपील

इस मामले के उजागर होने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों व उनके परिजनों से अपील की गई है कि चिकित्सालय परिसर में किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री न फेंकें, जिससे कुत्ते, बिल्ली अथवा अन्य जानवर आकर्षित न हों. साथ ही नर्सिंग ऑफिसर व एच.एल.एल. एजेंसी को यह निर्देशित किया गया है कि किसी भी वार्ड अथवा परिसर में जानवर दिखाई देने पर तत्काल आवश्यक व प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.

Last Updated : February 19, 2026 at 10:54 PM IST