ऋषिकेश वन भूमि सर्वे का विरोध, NH जाम और पथराव करने पर 16 नामजद समेत 200 से ज्यादा लोगों पर मुकदमा दर्ज
ऋषिकेश वन भूमि सर्वे की कार्रवाई के दौरान नेशनल हाईवे, रेल रोकने और पुलिस पर पथराव करने पर कई लोगों पर मुकदमा दर्ज.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 29, 2025 at 12:41 PM IST
ऋषिकेश/देहरादून: ऋषिकेश में वन भूमि के सर्वे का विरोध कर रहे लोगों का प्रदर्शन शनिवार और रविवार को उग्र रूप में देखा गया. शनिवार को नेशनल हाईवे जाम किया गया तो रविवार को लोगों ने मनसा देवी रेलवे लाइन को बाधित करके ट्रेनों को रोका. हरिद्वार बायपास मार्ग (नेशनल हाईवे) को जाम किया और पुलिस पर पथराव किया. फिलहाल पुलिस ने शनिवार और रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन पर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर चुकी है.
पहला मुकदमा: रायवाला में तैनात एसएसआई मनवर सिंह ने नेगी ने तहरीर दी है कि शनिवार वह सेक्टर - 2 प्रभारी थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत वह शनिवार को वन भूमि की नापखोज के लिए मालवीय नगर पहुंचे थे. इस दौरान अमितग्राम में श्यामपुर बाईपास पर हाईवे जाम मिला. दोपहर 1:30 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक स्थानीय लोगों ने हाईवे को जाम रखा. पुलिस ने पूरे मामले में मोहन सिंह असवाल, वीरेंद्र रमोला, विनोद नाथ, हिमांशु पंवार, लालमणि रतूड़ी, निर्मला उनियाल, ऊषा चौहान और सचिन रावत नामजद करते हुए 218 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

दूसरा मुकदमा: एक अन्य तहरीर में बताया गया कि, शनिवार को सर्वे के लिए टीम के साथ गुमानीवाला क्षेत्र में पहुंची वन विभाग की एक महिला रेंजर से छेड़खानी की गई है. पीड़ित रेंजर ने बताया कि वह 27 दिसंबर को गुमानीवाला में सरकारी कार्य में जुटी थी. इस दौरान अज्ञात लोगों ने न सिर्फ उनके काम में बाधा डाली, बल्कि धक्का मुक्की करते हुए टीम के साथ मारपीट भी की गई. गाली गलौज के बाद छेड़खानी करते हुए वर्दी भी पकड़ी. इस मामले में कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
तीसरा मुकदमा: कोतवाली ऋषिकेश निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट की शिकायत के आधार पर रविवार को मनसा देवी रेलवे फाटक ऋषिकेश में एक राय होकर बलवा करना, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक बाधित करना, सरकारी कार्य में बाधा डालना और आदेशों की अवहेलना करना समेत पुलिस फोर्स पर जान से मारने की नीयत से पत्थरबाजी करने के आरोप में 8 नामजद सीताराम कोटी, लालमणि रतूड़ी, योगेश डिमरी, विकास सेमवाल, जहांगीर आलम, गंगा प्रसाद, राजेंद्र गैरोला और पूजा पोखरियाल समेत 8 से 10 अन्य अज्ञात महिला पुरुष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की जांच कर रही है.

ये है मामला: उच्चतम न्यायालय (एससी) के आदेश के क्रम में वन विभाग ऋषिकेश की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश जारी हुए थे. निर्देशों के क्रम में रविवार को पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा ऋषिकेश में वन विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी. कार्रवाई के दौरान प्रभावित जनता द्वारा राजमार्ग और रेल मार्ग को अवरुद्ध करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था, जिन्हें पुलिस द्वारा शांतिपूर्वक ढंग से समझाया भी जा रहा था.
इस दौरान प्रभावित जनता द्वारा आक्रोशित होकर रेलवे लाइन को भी ब्लॉक कर दिया गया, जिससे 6 ट्रेनें लेट हो गई. जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा हो रही थी. इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने उन्हें शांतिपूर्वक समझाया, लेकिन उनके द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस और प्रशासन की टीमों पर पथराव किया गया, जिससे कई लोगों को चोटें भी आई. साथ ही उनके द्वारा धरना प्रदर्शन करते हुए रोड को भी जाम किया गया.

प्रकरण की संवेदनशीलता के मद्देनजर एसएसपी ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से जानकारी ली गई और जनता को राजमार्ग और रेल मार्ग से हटाकर यातायात सुचारु कराया गया. देर शाम एसएसपी ने मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेते हुए जिला देहरादून और आसपास के जिलों से एकत्रित फोर्स के साथ ऋषिकेश श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया.
लाठीचार्ज की कार्रवाई से पुलिस का इनकार: राजमार्ग और रेलमार्ग अवरुद्ध कर यात्री और आम जनता को सुविधा पहुंचाने. इमरजेंसी सेवाओं पर व्यवधान उत्पन्न करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जनता को पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने व उन्हें उकसाकर उनसे अपराध कार्य करवाने की घटना पर पुलिस द्वारा लोगों को भड़काने वालों को चिन्हित करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है. साथ ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज करने पर विरोध प्रदर्शन करने वालों द्वारा पथराव किए जाने के संबंध में भ्रामक, अफवाह, खबर प्रसारित की जा रही है. जबकि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज नहीं किया गया है.
भ्रामक खबरें प्रकाशित करने वालों पर होगी कार्रवाई: विरोध प्रदर्शन करने वालों द्वारा रेल मार्ग पर बैठकर विरोध कर रहे थे, जिससे यात्री काफी परेशान थे, जिन्हें पुलिस द्वारा समझने का प्रयास करते हुए रेल मार्ग से हटने को कहा गया, जिस पर उनके द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव किया गया था. इस प्रकार की भ्रामक खबर प्रसारित करने वालों को भी चिन्हित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा. साथ ही दुष्प्रचार करने वालों पर मॉनिटरिंग करते हुए सतर्क दृष्टि रखी जा रही है.
देहरादून एसएसपी ने अपील की है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में वन विभाग द्वारा वन भूमि का सर्वे किया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान यह प्रकाश में आया है कि सरकारी वन भूमि को निजी भूमि बताकर कुछ लोगों द्वारा आम जनता को बेचा गया है. यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा कृत किया गया है तो उसकी शिकायत पीड़ित, पुलिस को कर सकते हैं. पुलिस द्वारा ऐसे सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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