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हाईकोर्ट में सुनवाई के अगले दिन आईएएस डी. सुरेश के खिलाफ केस दर्ज, सेवानिवृत्ति से चार दिन पहले कार्रवाई पर सवाल, हरियाणा सरकार को नोटिस जारी

हाईकोर्ट में सुनवाई के अगले दिन आईएएस डी. सुरेश के खिलाफ केस दर्ज होने के मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया.

Case registered against IAS officer D. Suresh a day after High Court hearing.
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 31, 2026 at 7:45 PM IST

3 Min Read
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पंचकूला: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा के आईएएस अधिकारी डी. सुरेश की याचिका पर मामले की सुनवाई के अगले ही दिन उनके खिलाफ केस दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है. याचिकाकर्ता, आईएएस डी. सुरेश द्वारा दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि 26 अगस्त को नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिनमें वह (याचिकाकर्ता) भी शामिल हैं. याची द्वारा इसे अदालत की कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास बताया गया है.

राज्य सरकार का पक्ष: राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष बताया गया कि सरकार से प्राथमिकी दर्ज करने की मंजूरी 29 जुलाई को प्राप्त हुई और तीन अगस्त को मंजूरी विजिलेंस ब्यूरो, गुरुग्राम को भेजी गई. जबकि प्राथमिकी का मसौदा 13 अगस्त को मुख्यालय भेजा गया व 25 अगस्त को उसे मंजूरी दी गई, जिसके बाद 26 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई. राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और मामले में कोई दुर्भावना नहीं होने की बात कही गई है.

सेवानिवृत्ति के लाभ रोकने की कार्यवाही: याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि मामले की सुनवाई इससे एक दिन पहले हुई थी, जिस दौरान प्रतिवादियों की ओर से अनिवार्य प्रक्रियाओं के उल्लंघन की ओर अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया गया था. साथ ही बताया गया था कि याचिकाकर्ता 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिनके सेवानिवृत्ति लाभों को रोकने के लिए यह कार्यवाही की जा रही है. याची के अनुसार पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा था. आरोपों के अनुसार कोर्ट को जवाब देने के बजाय उसी दिन शाम 8 बजकर 13 मिनट पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई. इसे अदालत की प्रक्रिया को दरकिनार करने का प्रयास बताया गया.

सात दिन पहले दिया जाएगा नोटिस: हरियाणा सरकार की ओर से आरोप से इनकार किया गया और प्राथमिकी दर्ज करने की पूरी समय-रेखा अदालत के सामने रखी गई. साथ ही पुलिस द्वारा अदालत को आश्वासन दिया गया कि यदि जांच के दौरान याचिकाकर्ता की हिरासत आवश्यक होती है तो उसे सात दिन पहले नोटिस दिया जाएगा. यह बयान गुरुग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर अदालत के समक्ष दिया गया.

हरियाणा सरकार को नोटिस: हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है. वहीं राज्य सरकार की ओर से नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की है.

यह है मामला: याचिकाकर्ता डी. सुरेश 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दी गई थी. इसी मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है.

क्या है मामलाः यह पूरा मामला गुरुग्राम के सेक्टर-23 स्थित एक स्कूल साइट (प्लाट नंबर 4377) के पुनः आवंटन से जुड़ा है, जिसमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को कथित वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं. उस समय डी. सुरेश पंचकूला में एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक के पद पर कार्यरत थे. राज्य सतर्कता ब्यूरो ने नवंबर 2019 में इस मामले में जांच शुरू की थी, जिसमें कुल नौ अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों को शामिल किया गया.

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