चमोली में जंगलों की आग रिहायशी इलाकों तक पहुंची, सड़क किनारे खड़ी कार जली
उत्तराखंड में धधक रहे जंगल, गोपेश्वर के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी जंगलों की आग, वनाग्नि की चपेट में आने से कार जली

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 28, 2026 at 7:15 PM IST
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब जंगलों की आग जिला मुख्यालय गोपेश्वर के रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी है. ताजा मामला गोपेश्वर स्थित नर्सिंग कॉलेज के पास का है, जहां जंगल में लगी आग अचानक सड़क किनारे तक पहुंच गई. तेज धूप और तेज हवाओं के चलते आग भयानक तरीके से फैल गई. आग की लपटें सड़क किनारे खड़े वाहनों तक पहुंच गईं, जिससे एक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया.
आग लगने से मची अफरा-तफरी: घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग भयभीत हो उठे. घटना की सूचना तत्काल अग्निशमन विभाग को दी गई. दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक एक वाहन पूरी तरह आग की चपेट में आ चुका था. हालांकि. बाद में आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया.
चमोली जिले में कई जगह धधक रहे जंगल: बता दें कि पिछले कई दिनों से लगातार जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं. चमोली जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक वनाग्नि से नुकसान हो रहा है. वन विभाग और प्रशासन के सामने आग पर नियंत्रण बड़ी चुनौती बना हुआ है.

आदिबदरी क्षेत्र में महिला की जलकर हो चुकी मौत: गौर हो कि बीते दिनों गैरसैंण विकासखंड के आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव की सुरेशी देवी (उम्र 51 वर्ष) जंगल की आग की चपेट से बुरी तरह से झुलस गई. जिसके बाद उसने दर्द और जलन से कहराते-कहराते दम तोड़ दिया.
बताया जा रहा है कि बीती 26 मई यानी मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे के आसपास बूंगा गांव की सुरेशी देवी अपनी गौशाला जा रही थी. तभी जंगल में लगी आग उनकी गौशाला तक पहुंच गई. जिसके चपेट में आने से सुरेशी देवी गंभीर रूप से झुलस गई. जिससे उनकी मौत हो गई.

बारिश से धीरे-धीरे शांत होने लगी जंगलों धधक रही आग: इधर, शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. बारिश होने से जंगलों में धधक रही आग धीरे-धीरे शांत होने लगी है. साथ ही भीषण गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
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