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एक चेहरा, दो नाम! TET परीक्षा में बायोमेट्रिक मशीन ने ऐसे खोली फर्जीवाड़े की पोल

अधिकारी के मुताबिक एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग पहचान और जन्मतिथियों का इस्तेमाल कर परीक्षाओं में शामिल हो रहा था.

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एक चेहरा, दो नाम! TET परीक्षा में बायोमेट्रिक मशीन ने ऐसे खोली फर्जीवाड़े की पोल (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 4, 2026 at 3:49 PM IST

3 Min Read
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बरेली : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के दौरान हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां साहू गोपीनाथ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रिक जांच में एक ऐसा अभ्यर्थी पकड़ा गया, जिसने दो अलग-अलग नाम और जन्मतिथियों के सहारे परीक्षा देने की कोशिश की. शुरुआती जांच में सामने आया कि जब TET परीक्षा में उम्र सीमा आड़े आई तो उसने अपना नाम और जन्मतिथि तक बदलवा ली थी.

जानकारी के मुताबिक, साहू गोपीनाथ कॉलेज में TET परीक्षा चल रही थी. इसी दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन में एक अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध मिली. जांच आगे बढ़ी तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे होने लगे. युवक मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला है. पहले वह आदेश कुमार नाम से परीक्षाएं देता था, लेकिन इस नाम से वह TET के लिए ओवरएज हो चुका था. इसके बाद उसने अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर मनोज कुमार कर ली, ताकि दोबारा परीक्षा दे सके.

दो बार नाम, चार बार जन्मतिथि में बदलाव

जांच में यह भी सामने आया कि आधार कार्ड में उसने दो बार नाम बदलवाया, जबकि चार बार जन्मतिथि में बदलाव कराया. इतना ही नहीं, मनोज कुमार के नाम से बीएड की डिग्री हासिल की गई, जबकि आदेश कुमार के नाम से हाईस्कूल के दस्तावेज मिले हैं. बायोमैट्रिक जांच में पूरा मामला पकड़ में आने के बाद परीक्षा केंद्र प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी. अब जांच इस बात की भी की जा रही है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अलग-अलग नाम और दस्तावेजों के सहारे दूसरी सरकारी परीक्षाएं भी तो नहीं दी है.

दो अलग-अलग जन्मतिथि

एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज में टीईटी परीक्षा की दूसरी पाली के दौरान मनोज कुमार नाम से परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी सामने आई. अभिलेखों में उसकी जन्मतिथि 1986 दर्ज थी, जबकि बायोमेट्रिक सत्यापन में प्रदर्शित आधार कार्ड पर नाम आदेश कुमार और जन्मतिथि 1996 मिली.

पूछताछ में सामने आया कि अभ्यर्थी का वास्तविक नाम मनोज कुमार है और उसकी वास्तविक जन्मतिथि 1986 है. लेकिन उम्र अधिक होने पर उसने आधार कार्ड में नाम अपना नाम आदेश कुमार और जन्मतिथि 1996 करा लिया था. और इस नाम से भी कई परीक्षाओं में शामिल हो चुका था.

अधिकारी के मुताबिक एक ही व्यक्ति दो अलग-अलग पहचान और जन्मतिथियों का इस्तेमाल कर परीक्षाओं में शामिल हो रहा था, जिससे अन्य अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो रहे थे. मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है. अब पुलिस पूरे दस्तावेजी फर्जीवाड़े और अन्य परीक्षाओं में इस्तेमाल की भी जांच कर रही है.

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