ई-रिक्शा लर्निंग लाइसेंस के लिए यादगार भवन में कैंप, ऐसे करें आवेदन, पहले से लाइसेंस वालों को ये है छूट
ई–रिक्शा लर्निंग लाइसेंस के लिए 10 दिन का ट्रेनिंग सर्टिफिकेट जरूरी है.

Published : August 25, 2026 at 8:25 PM IST
जयपुर: परिवहन विभाग की ओर से यादगार भवन में ई-रिक्शा लर्निंग लाइसेंस के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है. मंगलवार से यादगार भवन में ई-रिक्शा चालकों के लिए लर्निंग लाइसेंस कैंप शुरू हो गया है. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ई-रिक्शा चालक लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए ई-रिक्शा से जुड़े जरूरी दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा. विभाग की इस पहल से ई-रिक्शा संचालन को लाइसेंस प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है. वहीं डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए जोनवार ई-रिक्शा आवंटन की प्रक्रिया भी जारी है.
अप्लाई करने पर हाथों-हाथ लर्निंग लाइसेंस: आरटीओ इंस्पेक्टर प्रभात रंजन शर्मा ने बताया कि जो भी कैंडिडेट अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाना चाहता है, उसकी ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और मेडिकल सर्टिफिकेट लाकर आवेदन कर सकता है. इसके लिए जयपुर यादगार में आरटीओ के अधिकारी–कर्मचारी बैठे हुए हैं. ई–रिक्शा लर्निंग लाइसेंस के लिए 10 दिन का ट्रेनिंग सर्टिफिकेट जरूरी है. ई-रिक्शा की एसोसिएशन और ऑथराइज्ड सेंटर पर ट्रेनिंग करवाई जाती है. इसके बाद यादगार में आकर अप्लाई करने पर हाथों-हाथ लर्निंग लाइसेंस बन जाता है. ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद स्क्रूटनी में जाता है. स्क्रूटनी करने के बाद वेरीफाई होकर अप्रूवल हो जाता है.
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ई–रिक्शा का लाइसेंस ऐड ऑन: लर्निंग लाइसेंस बनने के 1 महीने बाद परमानेंट लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं. अगर पहले से किसी का टू व्हीलर या फोर व्हीलर का लाइसेंस बना हुआ है, तो उसमें ई–रिक्शा का लाइसेंस ऐड ऑन हो जाता है. अगर पहले से किसी भी तरह का लाइसेंस नहीं बना हुआ है, तो वह फ्रेश ई–रिक्शा लाइसेंस बनवा सकते हैं. जिसका पहले से टूव्हीलर या फोर व्हीलर का लाइसेंस बना होता है, उसको ई–रिक्शा लाइसेंस के लिए टेस्ट नहीं देना पड़ता. फ्रेश लाइसेंस बनवाने पर टेस्ट देना होगा. टेस्ट में ट्रैफिक से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं. ई–रिक्शा लाइसेंस अप्लाई करने वाला कैंडिडेट जयपुर का निवासी होना चाहिए.

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वेब पोर्टल और ऐप के माध्यम से ई-रिक्शा जोन आवंटन की प्रक्रिया: मल्टीप्लेक्स सॉल्यूशन कंपनी के एमडी प्रणय माहेश्वरी ने बताया कि वेब पोर्टल और ऐप के माध्यम से ई-रिक्शा जोन आवंटन की प्रक्रिया चालू है. सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है. जरूरी दस्तावेजों को लेकर कोई भी ई-रिक्शा चालक जोन आवंटन के लिए अप्लाई कर सकता है. इसमें फिटनेस और ई–रिक्शा का ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है. अगर ई–रिक्शा किसी की पत्नी के नाम है, तो ऐसी स्थिति में पत्नी द्वारा ई-रिक्शा चलाने वाले व्यक्ति को एफिडेविट देकर ई-रिक्शा चलाने के लिए ऑथराइज्ड करना होता है. अप्लाई करने के बाद जोन आवंटन के लिए 'पहले आओ पहले पावो' की सुविधा है. अप्लाई करने पर जो जोन उपलब्ध है, वह आवंटन किया जाता है. जॉन डिसाइड करना किसी व्यक्ति के हाथ में नहीं है. ऑटोमेटिक सॉफ्टवेयर जोन अलॉट करता है. आवेदनकर्ता से 7 प्रायोरिटी ले ली जाती है. ई–रिक्शा का लाइसेंस राजस्थान से होना जरूरी है.

