कुरुक्षेत्र में जिला कष्ट निवारण समिति बैठक, कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों को किया निलंबित
Kurukshetra Grievance Committee Meeting: कुरुक्षेत्र में जिला कष्ट निवारण समिति बैठक. कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने दो अधिकारियों को निलंबित किया.

Published : December 24, 2025 at 9:08 AM IST
कुरुक्षेत्र: जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री राजेश नागर एक्शन मोड में दिखे. उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों को ना सिर्फ निलंबित किया, अपितु निरीक्षक नवीन कुमार और उप निरीक्षक अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के भी आदेश दिए. उन्होंने कहा कि "शिकायत मिली थी. जिस पर जांच कराई गई, तो शिकायत सही मिली. जिस पर ये कार्रवाई की गई है."
कुरुक्षेत्र में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक: मंत्री राजेश नागर ने कहा कि "हमें 15 शिकायत मिली थी. जिसमें से 9 का मौके पर निपटारा कर दिया गया, जबकि 6 शिकायतों को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया है." उन्होंने कहा कि "जो संतोषजनक शिकायत मिलती है. उस पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाती है."

मंत्री राजेश नागर ने सुनी लोगों की शिकायतें: बैठक में अधिवक्ता भीम चावला की शिकायत पर दूसरे पक्ष को वीडियो कॉल पर तलब किया गया, हालांकि ये मामला भी निपट नहीं पाया और इसे भी लंबित शिकायत में रखा गया है. एक अन्य मामले में मंत्री राजेश नागर ने गांव कतलाडी निवासी सिमरन की शिकायत पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता के अनुसूचित जाति व इनकम संबंधी कागजात की जांच करते हुए फीस को माफ किया जाए.
रास्ते के निर्माण का मुद्दा सुलझाया: इसी तरह हाई कोर्ट के एडवोकेट अमरजीत सिंह विर्क की शिकायत पर नगर पालिका शाहाबाद को निर्देश दिए कि वो निशानदेही करके शिकायतकर्ता की जमीन को छोड़कर रास्ते का निर्माण किया जाए.

'जबरदस्ती कब्जा करने वाले के खिलाफ किया जाए केस दर्ज': खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग के मंत्री राजेश नागर ने विष्णु कॉलोनी निवासी सोम प्रकाश व गगनदीप की शिकायत और जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद प्रशासन व पुलिस को निर्देश दिए कि उनके द्वारा खरीद गई जमीन पर कब्जा दिलाया जाए और जबरदस्ती कब्जा करने वाले के खिलाफ केस दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए. शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने मकान लेने के बाद कब्जा ले लिया था. कुछ दिनों के बाद उनके मकान पर जबरदस्ती कब्जा करने का प्रयास करते हुए परेशान करने लगे.

