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इस बार CM सुक्खू का व्यवस्था परिवर्तन, बजट को लेकर लिया ये बड़ा फैसला

यह बदलाव कैलेंडर का फेरबदल नहीं, बल्कि प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों से जुड़ा एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू (@DIPR)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 4:20 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बार 17 मार्च की तय परंपरा को तोड़ते हुए 20 मार्च को बजट पेश करने जा रहे हैं. 11 दिसंबर 2022 को प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से पिछले तीन वर्षों से वे 17 मार्च को ही बजट प्रस्तुत करते आए हैं. उन्होंने 17 मार्च 2023 को अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश किया था. वहीं दूसरा बजट 17 मार्च 2024 और तीसरा बजट 2025 को पेश किया था, लेकिन इस बार तारीख में बदलाव ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है. यह बदलाव महज कैलेंडर का फेरबदल नहीं, बल्कि प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों से जुड़ा एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

18 मार्च से बजट सत्र का सेकेंड फेज

संसदीय कार्यमंत्री हर्ष वर्धन चौहान का कहना है कि, "हिमाचल प्रदेश विधानसभा सेशन का सेकंड फेज 18 फरवरी से शुरू होगा और 19 मार्च को राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा होगी. उसी दिन शाम के समय मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देंगे. 20 मार्च को बजट पेश किया जाएगा. इसके बाद 23, 24 और 25 मार्च को बजट पर चर्चा होगी. बजट को हमने 30 मार्च से पहले पास कराना होता है, जिसका शेड्यूल एक या दो दिन में विधानसभा स्पीकर फिक्स कर देंगे."

RDG बंद होने से हिमाचल की वित्तीय सेहत पर असर

दरअसल, फाइनेंस कमीशन की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में की गई कटौती और इस बार RDG के बंद होने का सीधा असर हिमाचल प्रदेश की वित्तीय सेहत पर पड़ सकता है. प्रदेश के बजट ढांचे में RDG का अहम योगदान रहा है. आय और व्यय के बीच बढ़ते अंतर को पाटने के लिए RDG एक मजबूत सहारा हुआ करती थी. ऐसे में जब यह सहारा कमजोर या समाप्त होता दिख रहा है तो सरकार के सामने संसाधनों की नई व्यवस्था खड़ी करने की चुनौती और भी बड़ी हो जाती है.

हिमाचल के संसदीय कार्यमंत्री हर्ष वर्धन चौहान (ETV Bharat)

पहाड़ी राज्य में सीमित संसाधन

हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्च के बीच संतुलन साधना पहले से ही आसान नहीं था, लेकिन अब RDG बंद होने की स्थिति में बजट तैयार करना मुख्यमंत्री के लिए एक कठिन परीक्षा बन गया है. वे ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की बात पहले भी करते रहे हैं, लेकिन इस बार बजट में उस बदलाव की झलक दिखाना उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक विश्वसनीयता से भी जुड़ गया है.

बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात

बजट पेश करने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने 2 मार्च को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर RDG को बहाल करने की मांग भी उठाई है. यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि राज्य की वित्तीय ज़रूरतों को केंद्र तक मजबूती से रखने का प्रयास माना जा रहा है. अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 20 मार्च को पेश होने वाला बजट प्रदेश को नई राह दिखाएगा या वित्तीय दबावों की कहानी और गहरी होगी.

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