Sugar Price: 48 वाली चीनी अचानक हुई 70 रुपए किलो, जानिए क्यों बढ़ रहे हैं दाम और कब मिलेगी राहत?
भीलवाड़ा शहर सहित ग्रामीण अंचल में प्रतिदिन 1000 क्विंटल चीनी की खपत होती है, लेकिन भाव बढ़ने के कारण बिक्री पर काफी प्रभाव पड़ा है.

Published : August 23, 2026 at 11:12 AM IST
भीलवाड़ा : देश भर में वर्तमान में चीनी व गुड़ के भाव एकाएक बढ़ने के कारण आमजन की रसोई से शक्कर व गुड़ की मिठास कम हो गई है. वहीं, त्योहारों के सीजन में महंगी चीनी होने से खरीदार कम हो गए हैं. व्यापारियों के मानना है कि सरकार ने भले ही चीनी के आयात खोल दिए हैं, लेकिन भाव गिरने में अभी समय लगेगा.
मौसम की मार से गन्ना उत्पादन कम होने के कारण वर्तमान में देश भर में शक्कर के भाव दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं. कई लोग गन्ने का एथेनॉल में उपयोग लेने को भी इसका कारण बता रहे हैं. भीलवाड़ा जिले में जुलाई माह में शक्कर के भाव 48 रुपए प्रति किलो थे. वर्तमान में होलसेल 68 व खुदरा 70 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक्री हो रही है. भीलवाड़ा शहर सहित ग्रामीण अंचल में प्रतिदिन 1000 क्विंटल शक्कर की खपत होती है, लेकिन वर्तमान में एकाएक भाव बढ़ने के कारण बिक्री पर काफी प्रभाव पड़ा है. आम जन प्रतिदिन शक्कर खरीदते थे अब कम खरीद रहे हैं. आमजन का मानना है कि त्योहारी सीजन में शक्कर के भाव बढ़ने के कारण हम रक्षाबंधन, जन्माष्टमी पर ज्यादा मिठाई नहीं बना पाएंगे.
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किराना मार्केट के सचिव उमेश चंद्र समदानी ने कहा कि भीलवाड़ा जिले में लगभग 1000 क्विंटल शक्कर प्रतिदिन खपत होती है, जो ग्रामीण क्षेत्र में भी जाती है. वहीं, गुड़ की खपत 200 क्विंटल लगभग होती है. वर्तमान में गुड़ के भाव होलसेल 60 प्रति किलो व खुदरा 70 रुपए प्रति किलो के करीब है. वहीं, शक्कर 67 रुपए होलसेल व 70 रुपए खुदरा भाव है. शक्कर में तेजी का कारण व्यापारी ने बताया कि पेट्रोल का भाव स्थिर रखने के लिए इथेनॉल की अधिक मात्रा पेट्रोल में मिलाई जा रही है, जिसके कारण शक्कर के भाव में तेजी आई है. जुलाई माह में शक्कर का भाव 48 रुपए प्रति किलो था, जो वर्तमान में 67 रुपए प्रति किलो हो गया है.
यह प्रभाव शक्कर की बाहर से सप्लाई होने तक भाव कम होने की उम्मीद की जा रही है. सरकार ने आयात खोल दिए, लेकिन शक्कर आयात करने में समय लगेगा. जिस चीज में तेजी होती अगले वर्ष किसान उसकी ही फसल ज्यादा बुवाई करता है, फिर भाव गिर जाते हैं. गन्ने के दाम वर्तमान में बढ़े हैं. अगले वर्ष उम्मीद है कि गन्ने की फसल की बुवाई ज्यादा होगी. तेजी आने से कुछ बिक्री में फर्क पड़ा है. पहले 20 किलो एक आदमी शक्कर खरीदता था, वह अभी 5 किलो ही खरीद कर ले जा रहा है.
भीलवाड़ा शहर के निवासी दुर्गेश शर्मा ने कहा कि शक्कर के भाव बढ़ने से आम आदमी को बहुत दुविधा हो रही है. मध्यम व गरीब परिवार 70 रुपए किलो शक्कर खरीदने को मजबूर है. आने वाला समय जन्माष्टमी, रक्षाबंधन के त्योहार का है. रसोई महंगी हो गई है, जिससे आम आदमी को दुविधा हो रही है. भीलवाड़ा जिले के मांडल कस्बे के निवासी सुभाष झंवर ने कहा कि शक्कर महंगी होने से गरीब व मध्यम वर्गीय लोगों के लिए मुश्किल है. त्योहार व आने वाली शादियों में भार बढ़ेगा.

