6 लाख का बेल बांड, 68 करोड़ के रामलला, परिवार के साथ 3 साल बाद थाना से निकले
बक्सर से चोरी भगवान राम और उनके परिवार की मूर्ति तीन साल की कानूनी लड़ाई के बाद वापस मिल गईं हैं. पढ़ें पूरी खबर..

Published : February 10, 2026 at 7:22 PM IST
आरा: बक्सर में चोरी हुई मूर्तियां 3 साल बाद आखिरकार वापस मिल गईं हैं. भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में तीन साल से बंद रामदरबार के अष्टधातु की सात मूर्तियों को मंदिर को सौंप दिया गया. मंगलवार को सभी बरामद मूर्ति को मुक्त कर दिया गया. इन मूर्तियों को सीजेएम न्यायालय में छह लाख रुपये के बेल बांड भरने के बाद कोईलवर थाना से मुक्त किया गया.
राम दरबार की सभी मूर्तियों को विधिवत पूजा पाठ के बाद बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना के बड़का धकाईच के मठ के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह और अधिवक्ता धनेश पांडेय अष्टधातु की मूर्ति को लेकर कृष्णब्रह्म के लिए निकल गए हैं. तीन साल के बाद मालखाना से मूर्ति को मुक्त किये जाने के बाद रामभक्तों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
मूर्तियों की कीमत करीब 68 करोड़: वकील धनेश पांडे ने बताया कि मूर्तियां करोड़ो रुपये मूल्य की है और काफी प्राचीन है. ये मूर्ति करीब 300 साल पुरानी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन मूर्तियों का मूल्य करीब 68 करोड़ है. बरामद अष्टधातु मूर्ति की कीमत लगभग 68 करोड़ रुपये से अधिक बतायी गयी है.
"मालखाना से मुक्त कराने के लिए बड़का धकाईच के सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी ने छह लाख रुपये के बेल बांड भरने के बाद न्यायालय के आदेश मुक्त कर दिया गया. 2023 में इन मूर्तियों की चोरी हुई थी."- धनेश पांडे, अधिवक्ता

2023 में हुई थी चोरी: 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना के बड़की धकाईच के राम जानकी मठ से राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, लड्डू गोपाल समेत सात मूर्तियां और एक मुकुट चोरी कर ली गयी थी. चोरी सभी मूर्तिया को 22 जनवरी 2023 को ही अहले सुबह कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ से मूर्ति को एक कार से बरामद कर लिया गया. जिसमें एक कट्टे के साथ चोर को गिरफ्तार किया गया था.

2011 में भी हुई थी चोरी: इससे पहले भी 6 जून 2011 में राम जानकी मठ से तीन मूर्ति चोरी हुई थी. जिस समय पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गयी थी. जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. चोरी हुई तीन मूर्ति को 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से बरामद किया गया था. जिसे मुक्त करा पुनः राम जानकी मठ बड़का धकाईच में स्थापित कर दिया गया था. राम जानकी मंदिर के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि तीन सौ साल पहले नेपाल के महाराजा ने मठ में मूर्ति स्थापित कराया था.
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