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बजट पर झारखंड के व्यवसायियों ने दी प्रतिक्रिया, जानें झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने क्या कहा

झारखंड विधानसभा में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स से लेकर व्यवासायियों ने प्रतिक्रिया दी.

BUSINESSMENS REACTION TO BUDGET
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 25, 2026 at 10:06 AM IST

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Updated : February 25, 2026 at 2:04 PM IST

5 Min Read
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भुवन किशोर झा

रांची: हेमंत सरकार के द्वारा पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर झारखंड के व्यवसायियों ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है. व्यवसायियों के अग्रणी संस्था झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बजट को राज्य के विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया. चैंबर ने कहा कि उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए बजट आवंटन को और बढ़ाने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस होती है. चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा है कि औद्योगिक विकास राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन संभव है.

चैंबर ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर दिया गया जोर सराहनीय है, लेकिन उद्योगों के लिए पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास के लिए अधिक प्रावधान अपेक्षित थे. विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योगों के लिए समर्पित प्रोत्साहन पैकेज से निवेश को गति मिल सकती थी. इसके अतिरिक्त, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि उपलब्धता, प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल विंडो सिस्टम की प्रभावी अमल और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया पर और ठोस पहल जरूरी है.

विशेष नीति व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है: चैंबर

चैंबर ने कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, वेयरहाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज को बढ़ावा देने की दिशा में भी बजट में अधिक स्पष्टता होनी चाहिए थी. व्यापार के दृष्टिकोण से जीएसटी अनुपालन में सरलीकरण, निरीक्षण प्रणाली में पारदर्शिता और छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का विस्तार भी आवश्यक है. निर्यात प्रोत्साहन, ई-कॉमर्स को बढ़ावा और स्थानीय उत्पादों के ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए विशेष नीति राज्य के व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है. चैंबर ने कहा कि बजट संतुलित है, लेकिन उद्योग और व्यापार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए और अधिक व्यवस्था और लक्ष्य आधारित प्रावधान किए जाने चाहिए थे.

प्रमुख व्यापारियों का बजट पर प्रतिक्रिया

यह बजट संतुलित और दूरदर्शी प्रतीत होता है. सरकार ने उद्योग, व्यापार और आम नागरिक, तीनों वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए हैं. कर संरचना में सुधार, बुनियादी ढांचे पर निवेश और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है. अगर इन घोषणाओं का धरातल पर प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाता है, तो राज्य में निवेश, उत्पादन और रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. हमें उम्मीद है कि व्यापारियों के लिए प्रक्रियाएं और अधिक सरल होगी और उद्योग जगत को स्थिर नीतिगत वातावरण मिलता रहेगा:- आदित्य मल्होत्रा, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स


झारखंड बजट 2026–27 विकासोन्मुखी तथा वित्तीय अनुशासन पर आधारित संतुलित बजट है. पूंजीगत व्यय में वृद्धि और आधारभूत संरचना पर विशेष बल राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की दिशा में सकारात्मक संकेत है. सड़क, सिंचाई, भंडारण और संस्थागत संरचना में निवेश से निर्माण, स्टील, सीमेंट, परिवहन और संबंधित क्षेत्रों को गति मिलेगी और रोजगार सृजन में वृद्धि होगी:- प्रवीण लोहिया, उपाध्यक्ष, चैंबर

झारखंड बजट राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने वाला है. उद्योग, व्यापार और स्टार्टअप सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत देखने को मिलते हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा. इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और व्यापारिक माहौल बेहतर होगा. हम आशा करते हैं कि सरकार नीति अमल में पारदर्शिता और सरलता बनाए रखेगी, जिससे उद्यमियों का विश्वास और मजबूत होगा:- रोहित अग्रवाल
महासचिव, चैंबर

वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट विकासोन्मुख और उद्योग-हितैषी दिशा में उठाया गया कदम है. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधान राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे. विशेष रूप से एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी. यह बजट निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने में सहायक होगा. हमें उम्मीद है कि सरकार निरंतर सुधार के साथ इन योजनाओं को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू करेगी: नवजोत अलंग, व्यवसायी


वित्तीय प्रबंधन की दृष्टि से संतुलित और अनुशासित बजट है. राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमेय सीमा के भीतर रखना और ऋण-जीडीपी अनुपात में सुधार राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है. सिंकिंग फंड और बजट स्थिरीकरण कोष में प्रावधान भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी का संकेत है. राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि और पूंजीगत व्यय पर बल से राज्य की विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी. यह निवेश दीर्घकाल में उद्योगों के लिए बेहतर परिवेश तैयार करेगा. विशेषकर आधारभूत संरचना, भंडारण, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास में निवेश से व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा हालांकि कर अनुपालन प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, जीएसटी रिफंड में तेजी लाने और उद्योगों के लिए ऊर्जा लागत को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की अपेक्षा है:- रोहित पोद्दार, व्यवसायी

झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 राज्य के व्यापार, उद्योग और उद्यमिता के लिए सकारात्मक एवं विकासोन्मुखी दिशा दिखाता है. बजट में अधोसंरचना विकास, पूंजीगत व्यय और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) पर दिया गया विशेष जोर राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा:- अनिल कुमार अग्रवाल, व्यवसायी

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Last Updated : February 25, 2026 at 2:04 PM IST