बस हड़ताल ने पकड़ा गड़बड़झाला, एक पंजीयन नम्बर पर दौड़ रही थी दो प्राइवेट बसें...
हड़ताल में बस ऑपरेटरों ने एक नम्बर की दो निजी बसें चलने का मामला पकड़ा. एक बस देवली-भीलवाड़ा तो दूसरी कोटा-रावतभाटा के बीच चलती है.

Published : February 28, 2026 at 1:44 PM IST
कोटा: प्राइवेट बस संचालकों की हड़ताल में एक नंबर की दो निजी बसें चलने का मामला पकड़ा गया. बस ऑपरेटर्स ने यह मामला पकड़ा. इसमें एक बस भीलवाड़ा से देवली और दूसरी कोटा से रावतभाटा चल रही है. इस मामले में परिवहन विभाग को शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई है.
कोटा के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने कहा कि बस नम्बर RJ20PB1199 भीलवाड़ा जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में रजिस्टर्ड है. इसी नम्बर से दो बस चलने की शिकायत आई है. इस प्रकरण में जांच की जा रही है. जांच में जो बस अवैध होगी, उसे जब्त किया जाएगा. जिस भी बस मालिक ने गैर कानूनी काम किया है, उस पर कानूनी कारवाई की जाएगी. भीलवाड़ा के जिला परिवहन अधिकारी राम किशन चौधरी ने कहा कि मुझे स्वयं ऑपरेटर ने इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने इस मामले में चेक करा लिया है. उनके यहां रजिस्टर्ड गाड़ी देवली से भीलवाड़ा के बीच चलती है. यह बस ऑपरेटर के पास है. इसमें कोटा में चल रही बस फर्जी चल रही है. इस संबंध में वहां के अधिकारियों को भी सूचना देंगे.
बूंदी से खरीद भीलवाड़ा में कराया पंजीयन: पूरे मामले में बस भीलवाड़ा परिवहन कार्यालय में रजिस्टर्ड है. यह महेश कुमार माहेश्वरी के नाम है. महेश कुमार माहेश्वरी का कहना है कि उन्होंने 2 साल पहले बूंदी निवासी व्यक्ति से यह बस खरीदी थी. यह कोटा नंबर से रजिस्टर्ड थी. इसे उन्होंने भीलवाड़ा आरटीओ में अपने नाम रजिस्ट्रेशन करा लिया. इसे बीते 2 साल से देवली से भीलवाड़ा चला रहे हैं. बस कभी कोटा नहीं भेजी. इस बीच उन्हें इसी नंबर से दूसरी बस के कोटा में चलने की सूचना मिली. इसके बाद उन्होंने शनिवार को भीलवाड़ा पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दी. इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी भीलवाड़ा को अवगत कराया है.
जिला मुख्यालय का चक्कर, लेकिन पकड़ नहीं आई: इस मामले में परिवहन विभाग का गड़बड़झाला सामने आ रहा है. इस मामले में साफ है कि एक बस फर्जी नम्बर से ही सड़क पर चल रही है. इसमें प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को लेकर भी आ-जा रही है. इसमें यात्रियों की जान जोखिम में थी. किसी भी तरह की दुर्घटना में यात्रियों को कोई मुआवजा नहीं मिलता हैं. दोनों में से फर्जी बस कौन सी है. यह जांच का विषय है, लेकिन दोनों बसें जिला मुख्यालय पर जरूर जाती है. इसमें एक भीलवाड़ा व दूसरी कोटा आती है. इसके बावजूद भी इस तरह से फर्जीवाड़ा कर चल रही है. कोटा से रावतभाटा के बीच में चल रही बस नई है, जबकि भीलवाड़ा वाली पुरानी है.

