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400 लोगों का 7 साल से सेवा मिशन, रमजान में आधी रात को जरूरतमंदों को सेहरी पहुंचा रहे युवा

बुरहानपुर में रोजदारों की खिदमत में जुटे युवा, रोजाना सहरी के लिए ताज़ा भोजन और फल फ्रूट कराते है मुहैया.

burhanpur youth NGO providing sehri
बुरहानपुर में रोजदारों की खिदमत में जुटे युवा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 25, 2026 at 11:16 AM IST

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Updated : February 25, 2026 at 12:13 PM IST

4 Min Read
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बुरहानपुर: ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर में रमजान की रौनक देखने को मिल रही है. इस महीने में मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखते हैं. इसमें कुछ मुसाफिर या अस्पताल में भर्ती लोगों के परिजन भी शामिल हैं. लेकिन उनको ऐसी आपात स्थिति में रोजा इफ्तार के लिए सहरी की सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती. ऐसे में स्थानीय युवाओं के एक संगठन ने पिछले 7 सालों से जरूरतमंद रोजदारों की सेवा का अनोखा बीड़ा उठाया है.

आधी रात को जरूरतमंदों की मदद
रोजाना युवाओं की टीम जिला अस्पताल, बस स्टैंड सहित रेलवे स्टेशन पर रात के समय की जाने वाली सहरी की सामग्री उपलब्ध कराती है. वह गरीब मरीजों व जरूरतमंदों को रात का भोज यानी सहरी की सामग्री पहुंचाने का काम कर रहा है. सबसे रोचक बात यह है कि अंधेरी रात में जब पूरा शहर गहरी नींद में होता है, तब युवाओं का यह एनजीओ (हजरत चमन शाहवली) बेहद खामोशी से सेवा के अपने मिशन को बखूबी निभाता है.

रमजान में जरूरतमंदों को सेहरी पहुंचा रहे युवक (ETV Bharat)

पूरे महीनेभर जिला अस्पताल, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर खाद्य सामग्री और दूध सहित फल फ्रूट लेकर पहुंच जाते हैं. यहां गरीब मरीजों, उनके परिजनों सहित जरूरतमंद मुसाफिरों को सहरी की सामग्री मुहैया कराते हैं. ताकि सही वक़्त पर सहरी हो सके, और रोजदार का रोजा भी रख सके. वह निश्चित होकर अल्लाह की इबादत में जुटा रहे.

BURHANPUR RAMZAN FOOD SERVICE
7 साल से रमजान में सेवा कर रहे युवा (ETV Bharat)

युवाओं ने 7 साल पहले शुरु किया NGO
रमजान महीने में रोजा रखने से पहले सेहरी बेहद अहम होती है. यही वजह है कि रोजदारों की सेवा में कई लोग आगे आते हैं. साथ ही इस पवित्र रमजान महीने में रोजदारों की खिदमत करते हैं. इस काम को युवा पूरी शिद्दत से निभा रहे हैं. वह अपने निजी खर्च से सेवाभाव में जुटे हैं. शहर के युवाओं की हजरत चमन शाहवली एनजीओ की शुरुआत 7 साल पहले हुई थी. शुरुआती दौर में इस एनजीओ से 40 युवा जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया, वर्तमान में एनजीओ में 400 युवा जुड़ चुके हैं.

अपने खर्च पर लोगों को करवा रहे सेहरी
वह अपनी आय से निर्धारित रुपये जमा करते हैं, इन रुपयों को जरूरतमंद लोगों की सेवा में खर्च किए जाते हैं. रमजान के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन, दूर-दराज से आए यात्री और बेसहारा लोग अक्सर सहरी की व्यवस्था नहीं जुटा सकते. ऐसे में यह एनजीओ उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आगे आता है. एनजीओ के युवा मिलकर ताजा भोजन तैयार करते हैं. इसके बाद पैकेट बनाकर रात में वितरित किए जाते हैं.

BURHANPUR HELPING FASTING MUSLIMS
युवाओं की टीम अस्पताल में कर रही सेवा (ETV Bharat)

'कोई भी रोजेदार सेहरी से वंचित न रहे'
हजरत चमन शाहवली वेलफेयर सोसायटी (एनजीओ) के अध्यक्ष सय्यद इशाक अली ने बताया कि, ''पवित्र रमजान महीना अल्लाह की इबादत के साथ जरूरतमंदों की मदद करने का भी महीना है. हम पिछले 7 सालों से लोगों की सेवा में जुटे हैं. हमारा मकसद है कि कोई भी रोजेदार सेहरी से वंचित न रह सके. वह रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करें, इसलिए हम उनकी सेवा में लग जाते हैं.''

RAMADAN 2026
बुरहानपुर में रमजान की रौनक (ETV Bharat)

भोजन, दूध, खजूर, फल फ्रूट देकर सेवा
इसी एनजीओ से जुड़े सोहेल उस्मानी ने बताया कि, ''जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ उनके परिजन भी आते हैं. आपात स्थिति में वह सहरी के उपयोग में आने वाली सामग्री की व्यवस्था नहीं जुटा पाते, जिसके चलते अक्सर लोग रोजे से वंचित रह जाते हैं. लेकिन हमने ऐसे जरुरतमंद लोगों की सेवा का जिम्मा उठाया है. रोजाना ताजा भोजन, दूध, खजूर सहित फल फ्रूट उपलब्ध करा सेवा करते हैं, ताकि वह वक्त पर सहरी कर रोजा रख सकें.''

Last Updated : February 25, 2026 at 12:13 PM IST