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बुरहानपुर में महिलाओं ने गुलाब, गेंदा, पलाश सहित सेवंती के फूलों से बनाए हर्बल रंग

बुरहानपुर की स्व सहायता समूह की महिलाएं इन दिनों प्राकृतिक रंग तैयार करने में दिन-रात जुटी. जिला प्रशासन दिलाएगा बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म.

Burhanpur herbal colors holi
गेंदा, पलाश सहित सेवंती के फूलों से बनाए हर्बल रंग (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 1:41 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट : सोनू सोहले

बुरहानपुर : होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रंग और ग़ुलाल की दुकाने सज गई हैं. बुरहानपुर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. यहां मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ने पर्यावरण की दिशा में अनुकरणीय कदम उठाया है. स्व सहायता समूह की महिलाओं ने प्राकृतिक हर्बल रंग बनाना शुरू कर दिया है. बुरहानपुर के खकनार और बसाड गांव में स्व सहायता समूह की महिलाए इस काम में दिन-रात जुटी हैं.

होली पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश

महिलाओं ने गुलाब, गेंदा, पलाश सहित सेवंती के फूलों को सुखाकर प्राकृतिक रंग तैयार किए हैं. यही वजह है कि होली के रंगों में न केवल उत्साह, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देखने को मिलेगा. अन्य समूह की महिलाओं ने इकोफ्रेंडली उत्पाद तैयार किए हैं. इन महिलाओं की लगन और मेहनत को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा. 27 व 28 फ़रवरी को होली आजीविका मेला लगेगा. यहां इन उत्पादों की बिक्री की जाएगी. इससे महिलाओं की अच्छी आमदनी भी होगी.

स्व सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक रंग तैयार करने में जुटी (ETV BHARAT)

लोकल फॉर वोकल अभियान को मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार अपने भाषणों में ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को भी मजबूती देने की पहल कर चुके हैं. उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. इससे प्रेरित होकर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने भी कमर कस ली है. लोकल उत्पादकों कों बनाकर देशभर में बेच रही हैं. अब महिलाओं ने होली का त्योहार के लिए प्राकृतिक रंग तैयार किए हैं. उन्होंने जंगलों से फूल इकट्ठा किए हैं.

Burhanpur herbal colors holi
पलास व गेंदा के फूलों को सुखाकर बना रही रंग (ETV BHARAT)

इसके बाद उन्हें सुखाकर मिक्सर और पत्थरों की सहायता से बारीक पीसा जा रहा है. इस प्रक्रिया से हर्बल रंग तैयार हो रहे हैं. खास बात यह है कि इन रंगों में किसी प्रकार के रासायनिक तत्वों का उपयोग नहीं किया जा रहा. यह पूरी तरह प्राकृतिक है. इससे किसी भी प्रकार से साइड इफ़ेक्ट नहीं होगा.

महिलाओं ने प्राकृतिक रंग किए तैयार

Burhanpur herbal colors holi
गुलाब के फूलों से हर्बल होली खिलेगी (ETV BHARAT)

खकनार क्षेत्र की नारीशक्ति स्व सहायता समूह अध्यक्ष अनीता बाई ने बताया "होली के त्योहार में आमतौर पर बाजारों में केमिकल युक्त रंग बिकते हैं. यह रंग त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक होते हैं. इस समस्या को देखते हुए हमने प्राकृतिक हर्बल रंग तैयार किए हैं. हर्बल रंग ईको फ्रेंडली है. साथ ही त्वचा के लिए लाभकारी भी हैं."

मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला परियोजना अधिकारी संतमति खलको ने बताया "महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाया है. पलाश, गेंदा और गुलाब के फूलों से रंग तैयार किए हैं. तीनों रंग लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं."