मध्य प्रदेश में मिलीं दुर्लभ वाटरबर्ड, दीदार को आना पड़ेगा बुरहानपुर, 133 प्रजातियों का खुलासा
बुरहानपुर में 2 दिवसीय जलीय पक्षियों की गणना संपन्न, 133 प्रजातियों के 1419 पक्षियों की हुई पहचान, इनमें 33 प्रवासी पक्षी शामिल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 5, 2026 at 7:21 PM IST
|Updated : January 5, 2026 at 8:01 PM IST
बुरहानपुर: पक्षी प्रेमियों के लिए जैव विविधता को लेकर एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है. एशियन वाटरबर्ड सेंसस 2026 के तहत पहली बार बुरहानपुर में जलीय पक्षियों की वैज्ञानिक गणना संपन्न हो गई है. खकनार वन परिक्षेत्र के खड़की, ढाबा और सजनी डैम में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की प्रजाति की मौजूदगी पाई गई है. 2 दिवसीय सर्वेक्षण कार्य में पक्षी प्रेमियों और वन विभाग को चौंकाने वाले नतीजे मिले हैं.
बुरहानपुर में पूरी हुई वाटरबर्ड की गणना
इस दौरान 133 प्रजातियों के 1419 पक्षियों की पहचान की गई है. इसमें 33 प्रवासी प्रजातियां शामिल हैं. खकनार रेंजर रितेश उइके के मुताबिक, "इस सर्वेक्षण में वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड कंजर्वेशन सोसाइटी और मध्य प्रदेश वन विभाग की संयुक्त टीम ने भाग लिया. टीम ने खड़की, ढाबा और सजनी डैम में स्थानीय और प्रवासी जलीय पक्षियों की गहन गणना की."
1419 पक्षियों की हुई पहचान
वन विभाग डीएफओ विद्याभूषण सिंह के निर्देश पर इस सर्वेक्षण का नेतृत्व रिसर्च बायोलॉजिस्ट विवेक कुमार पटेल और उनकी टीम ने किया. इस टीम ने 2 दिनों के भीतर 133 प्रजातियों के 1419 पक्षियों की पहचान की है. इसमें 33 प्रवासी प्रजातियां शामिल हैं, सबसे खास बात यह हैं कि 16 प्रकार की बत्तखें भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक यह जलीय पक्षी क्षेत्र की स्वच्छ और सुरक्षित आर्द्रभूमियों का प्रमाण हैं.

इसके अलावा इन डैमो में कई दुर्लभ पक्षी जैसे रफ, यूरेशियन स्पैरोहॉक, यूरेशियन स्पूनबिल, वेस्टर्न मार्श हैरियर, ओरिएंटल डार्टर और ब्लू रॉक थ्रश भी देखे गए. साथ ही सर्वेक्षण टीम के सामने कई विलुप्त प्रजातियां भी आईं हैं, जिनमें एशियन वूली-नेक्ड स्टॉर्क और ब्लैक-हेडेड आईबिस प्रमुख हैं.
पक्षियों की मिलीं कई प्रजातियां
खकनार वन वनपरिक्षेत्र अधिकारी रितेश उइके ने बताया, "हमारा क्षेत्र पहले संकटग्रस्त फॉरेस्ट आउटलेट के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन अब प्रवासी पक्षियों के लिए भी एक सुरक्षित व महत्वपूर्ण आश्रय स्थान बन रहा है. वन विभाग ने जलीय पक्षियों का 2 दिवसीय सर्वेक्षण कराया है, जिसमें कई प्रजातियां पाई गई हैं, जो क्षेत्र में खुशहाली का प्रतीक बनकर उभर सकती हैं." इस पूरे मामले में वन विभाग के खकनार रेंजर रितेश उइके ने खकनार वन परिक्षेत्र के जलाशयों के आसपास हुई अवैध खेती के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार किया है. उन्होंने जल्द कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
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अवैध खेती पक्षियों के लिए बन रही खतरा
पक्षियों के जानकार मोहम्मद नौशाद ने बताया, "डैम में जलीय जीवों और पक्षियों के लिए अवैध खेती से नुकसान पहुंचता है. कई बार लोग खेती में रासायनिक केमिकल्स का इस्तेमाल करते हैं, इससे जीवों व पक्षियों के जीवन पर विपरीत असर पड़ता है. अब अवैध खेती इन खूबसूरत विदेशी मेहमानों के लिए मुसीबत बन गई है. वन विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि क्षेत्र के डैम पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान बन सकें."

