प्रदर्शन के नाम पर तमाशा नामंजूर! बांध परियोजना विरोधियों को अपर कलेक्टर का शटअप
पांगरी बांध परियोजना के विरोध में अलग-अलग तरह से विरोध कर रहे किसान, मुंह पर पोती कालिख, मुर्गा भी बने, अब कलेक्टर ने सुनाई खरीखरी

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 12, 2025 at 2:35 PM IST
|Updated : December 12, 2025 at 2:42 PM IST
बुरहानपुर : पांगरी डैम के मामले में अनुचित प्रदर्शन करने वालों पर एक्शन हो सकता है, ये कहना है बुरहानपुर अपर कलेक्टर का. उन्होंने सीधे तौर पर परियोजना का विरोध करने वाले लोगों को कहा है कि प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा स्वीकृत किया गया है, इसके बावजूद अगर कोई बेवजह और अनुचित प्रर्दशन करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और कार्रवाई की जाएगी.
मुंह पर पोती कालिख फिर मुर्गा बने किसान
नेपानगर विधानसभा में पांगरी बांध परियोजना का विरोध तेज हो रहा, किसान इस बात को लेकर विरोध कर रहे हैं कि भूमि अधिग्रहण के बाद उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. गुरुवार को दर्जनों किसानों ने अपने हाथों से खुद के मुंह पर कालिख पोत ली, इसके बाद मुर्गा बनकर विरोध प्रदर्शन किया. विरोध कर रहे किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन ने परियोजना की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की और किसानों का कम मुआवजा स्वीकृत किया है. इसके बाद अपर कलेक्टर की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई.

कलेक्टर की दो टूक, जबरन प्रदर्शन करने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन व सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किसान आंदोलन में नए-नए तरीके अपना रहे हैं. गुरुवार को मुंह काला कर मुर्गा बनो आंदोलन करते हुए किसानों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन उनकी सुध नहीं ले रहा है और ना ही उन्हें उचित मुआवजा दे रहा है. इसपर अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान ने कहा, '' प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा स्वीकृत किया है, उन्हें मुआवजा वितरण किया जाएगा. बावजूद इसके बेवजह अनुचित प्रदर्शन किया तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.''
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'मुआवजा बढ़ाकर दिया जाए'
आंदोलन में शामिल किसान डॉ. रवि पटेल ने कहा, '' प्रभावित किसान जिला प्रशासन व सरकार से मुआवजा बढ़ाकर देने की मांग कर रहे हैं. उचित मुआवजा की मांग को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन के माध्यम से सरकार का ध्यान खींचने का प्रयास किया, लेकिन नतीजा बेअसर साबित हुआ. इस बार किसानों ने एक बार फिर अनोखे आंदोलन का तरीका अपनाया है. गुरुवार को दर्जनों किसानों ने खुद का मुंह काला किया, साथ ही मुर्गा बन विरोध जताया, जिससे सरकार और जिला प्रशासन हमारी सुध ले सके और हमारी मांगों को पूरा किया जा सके.''

