बुरहानपुर में खत्म हुई SIR की टेंशन, युवाओं ने मदद के लिए लगा दिया कैंप, नहीं कटेगा नाम!
बुरहानपुर में शिक्षित युवा शिविर लगाकर मतदाताओं के भर रहे एसआईआर फॉर्म, बीएलओ मतदाताओं के घर-घर जाकर एकत्रित कर रहे जानकारी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 15, 2025 at 2:12 PM IST
बुरहानपुर: मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है, इसे गंगा जमुनी तहजीब का शहर भी कहा जाता है. यहां शिक्षित मुस्लिम युवाओं ने नेक पहल की शुरुआत की है. एसआईआर सर्वे में मुस्लिम युवकों ने नि:शुल्क सेवा का बीड़ा उठाया है. शहर के न्यामतपुरा, शिकारपुरा, हरीरपुरा, खानका वार्ड सहित अन्य वार्डों में शिक्षित युवाओं ने शिविर लगाया है. इस शिविर में युवक सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं.
हिंदू-मुस्लिम युवाओं ने पेश की मिसाल
इस दौरान सभी समुदाय के नागरिकों के एसआईआर फॉर्म भरकर हिंदू मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल पेश की है. एसआईआर सर्वे की शुरुआत के साथ ही कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने डोर टू डोर जाकर लोगों से संवाद किया और उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई है. अधिकारी इसकी निगरानी में जुटे हैं, कई अधिकारी वार्ड टू वार्ड से फीडबैक जुटा रहे हैं. शुक्रवार को एसडीएम अजमेर सिंह ने न्यामतपुरा में निरीक्षण किया. युवाओं की नेक पहल देखकर स्थानीय लोग काफी खुश हैं.
जिला प्रशासन कर रहा जागरूक
जिला प्रशासन का प्रयास है कि आम नागरिकों को सर्वे का महत्व और फार्म भरने की सही प्रक्रिया की जानकारी मिल सके. हालांकि, प्रशासन के प्रयासों के बावजूद कुछ अवैध वेंडरों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है. ये वेंडर लोगों से फार्म भरने के नाम पर 100 से 200 रुपए तक वसूल रहे हैं. गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यह राशि बोझ बन गई थी, जबकि यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क होनी चाहिए.
रोजाना सैकड़ों लोगों के भर रहे फॉर्म
इस समस्या को देखते हुए बुरहानपुर के शिक्षित मुस्लिम युवा सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए नि:शुल्क फार्म भरने का काम शुरू किया. इन युवकों ने विभिन्न वार्डों में शिविर आयोजित कर रोजाना सैकड़ों मतदाताओं के फार्म भरने का काम संभाल रखा है. उनकी इस पहल से न केवल लोगों का पैसा बच रहा है. बल्कि अवैध वसूली पर भी अंकुश लग रहा है. युवकों की इस नेक पहल से आम नागरिकों, खासकर गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लोग 100-200 रुपए देने में असमर्थ थे या उन्हें फार्म भरने की प्रक्रिया समझ नहीं आ रही थी. वे अब इन शिविरों में जाकर आसानी से अपना फार्म भरवा सकते हैं.
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लोगों की मदद करना हमारा मकसद
युवकों की यह पहल सामाजिक सद्भावना और सेवा भाव का बेहतरीन उदाहरण है. इस काम में जुटे युवक समीर का कहना है कि "यह उनका सामाजिक दायित्व है और वे बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद करना चाहते हैं. उनकी मेहनत से न केवल सर्वे का काम तेजी से हो रहा है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी जा रहा है."

