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बुरहानपुर में बिजली की खपत बढ़ी तो विद्युत वितरण कंपनियां अपनी जेब भरने से खुश

बुरहानपुर में बिजली कंपनी का राजस्व बढ़ा. भीषण गर्मी में बिजली खपत में लगातार वृद्धि. बिल ज्यादा आने पर भी उपभोक्ता जमा करने में आगे.

Burhanpur Electricity Consumption
बिजली खपत बढ़ी तो विद्युत वितरण कंपनियों की जेब हुई भारी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : April 24, 2026 at 4:45 PM IST

2 Min Read
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बुरहानपुर : भीषण गर्मी के कारण बुरहानपुर में बिजली की खपत बढ़ी है. एसी, कूलर चलने से खपत लगातार बढ़ रही है. पिछले साल गर्मी की तुलना में इस साल खपत में में 10 से 15 प्रतिशत के बीच बढ़ोतरी हुई है. खास बात ये है कि बिजली की ज्यादा खपत से बिजली कंपनियां चिंतित नहीं बल्कि खुश हैं. क्योंकि ज्यादा खपत से बिजली कंपनी की जेब भी भारी हो रही है.

बिजली खपत बढ़ी तो राजस्व भी बढ़ा

बिजली कंपनी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजीत सिंह अनुसार "पिछले साल मार्च 2025 में बुरहानपुर शहरी क्षेत्र में बिजली की खपत एक करोड़ 60 लाख यूनिट थी, जो इस साल मार्च 2026 में बढ़कर एक करोड 82 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी है. पिछले साल बिजली कंपनी की मार्च 2025 में उपभोक्ताओं से साढे़ 8 करोड़ की डिमांड थी. इस साल डिमांड बढकर 9 करोड़ 75 लाख तक पहुंच गई है. आगामी दिनों में आंकडे़ के बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई है.

बिजली कंपनी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजीत सिंह (ETV BHARAT)

अब बिजली बिल जमा करने में लोग आगे

बिजली कंपनी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजीत सिंह ने बताया "शहरीय क्षेत्र में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बेहतर बिजली सप्लाई की जाती है. हर महीने महज चंद मिनटों में सीधे मोबाइल पर बिजली बिल भेजते हैं. इससे रहवासियों के जीवनस्तर में बदलाव आया है. इस साल भीषण गर्मी के कारण फ्रीज, कुलर, एसी सहित पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है. लोग गर्मी में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का का अधिक उपयोग कर रहे है, इससे बिजली की खपत में इजाफा हुआ है.

स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिल आने की शिकायतें

उपभोक्ता अब्दुल वसीम ने बताया "पिछले साल की तुलना में इस साल तेज गर्मी पड़ रही है. लिहाजा लोग गर्मी से बचने के लिए पंखा, कूलर और एसी का उपयोग कर रहे हैं. घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ा है. साथ ही इस साल बुरहानपुर में जो स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, इससे उपभोक्ताओं का फजीहत बढ़ गई है. क्योंकि स्मार्ट मीटर में पिछले मीटर की तुलना में अधिक बिल आ रहे हैं."

उपभोक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से स्मार्ट मीटर की जांच की मांग उठाई है. उनका कहना कि स्मार्ट मीटरों को जांच कराई जाए, ताकि मध्यम और निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं को इससे आर्थिक बोझ ना झेलना पड़े.