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पेट डॉग 'शेरा' के निधन पर रोया पूरा गांव, बैंड-बाजे के साथ हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार

बुरहानपुर में पालतू कुत्ता शेरा की मौत से पसरा सन्नाटा, अंतिम दर्शन करने बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण, नम आंखों से दी अंतिम विदाई.

BURHANPUR PET DOG SHERA FUNERAL
पेट डॉग शेरा के निधन पर रोया पूरा गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 11, 2026 at 5:03 PM IST

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बुरहानपुर: लोनी गांव में मनुष्य और पालतू जानवर के बीच अनोखे प्रेम और भावनात्मक रिश्ते की मिसाल देखने को मिली. रामनगर निवासी भूषण महाजन के पालतू श्वान शेरा का आकस्मिक निधन हो गया. शेरा के निधन की खबर जैसे ही गांव में फैली, तो गांव में सन्नाटा छा गया. भूषण ने शेरा को इंसानों की तरह सम्मान दिया और उन्होंने बैंड-बाजे के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली.

डॉग का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार

पालतू श्वान शेरा पूरे गांव का चहेता था. वह भूषण महाजन के घर में करीब 10 वर्षों से रह रहा था. शेरा गांव में शादी-ब्याह से लेकर हरेक कार्यक्रम में जाता था. ग्रामीण बताते हैं कि शेरा ने अब तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और वह एक वफादार साथी बनकर रहा. शेरा की मौत की खबर ने ग्रामीणों को सदमा पहुंचाया. रविवार को मालिक भूषण महाजन ने पालतू श्वान शेरा का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया. ग्रामीणों ने फूल बरसाए और भावुक मन से शेरा को विदाई दी.

बैंड बाजे के साथ पालतू कुत्ते का अंतिम संस्कार (ETV Bharat)

श्वान के अंतिम दर्शन करने पहुंचा पूरा गांव

अंतिम यात्रा के दौरान हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा हुआ था. ग्रामीण मनोज ने बताया कि " जैसे ही शेरा के निधन की खबर गांव में फैली, मानो पूरे गांव में मातम छा गया. ग्रामीण अपने-अपने काम छोड़कर भूषण महाजन के घर पहुंचे. सभी ने शेरा के अंतिम दर्शन किए और नम आंखों से उसे श्रद्धांजलि दी. इसके बाद शेरा को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार एक खेत में दफनाया गया.

Burhanpur villagers pet dog grief
पालतू कुत्ता शेरा की मौत से पसरा सन्नाटा (ETV Bharat)

ग्रामीणों और शेरा के बीच था अनोखा प्रेम

ग्रामीण हेमंत पाटिल ने बताया "शेरा पिछले करीब 10 वर्षों से भूषण महाजन के परिवार के साथ रह रहा था. वह गांव की शादियों, धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य सामाजिक आयोजनों में हमेशा मौजूद रहता था. शेरा ने अपने पूरे जीवन में कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, वह बेहद शांत, वफादार और समझदार था. जिसके चलते ग्रामीणों और शेरा के बीच प्रेम बढ़ा."