ETV Bharat / state

बुरहानपुर की ऑर्गेनिक फार्मिंग देख दौड़े-दौड़े आए थे कलेक्टर, 2500 किसानों ने किया कमाल

बुरहानपुर में ढाई हजार किसानों ने अपनाई जैविक खेती, प्रशासन ने उपलब्ध कराया प्लेटफॉर्म, जैविक खेती पर सोनू सोहले की रिपोर्ट.

BURHANPUR ORGANIC VEGETABLES, CROPS FARMING
बुरहानपुर के किसानों ने किया कमाल, सरकार ने दिया प्लेटफॉर्म (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 30, 2026 at 3:29 PM IST

|

Updated : May 30, 2026 at 3:35 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

बुरहानपुर : मध्य प्रदेश में ऑर्गेनिक खेती का ट्रेंड बढ़ने लगा है. ऑर्गेनिक (जैविक) खेती के मामले में अब बुरहानपुर का नाम भी चमकने लगा है. यहां के करीब 2500 किसानों ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से जुड़कर जैविक खेती को अपनाया है, जिसे देखने खुद कलेक्टर किसानों के पास पहुंचे थे. वहीं अब जैविक खेती से तैयार हो रहीं फसलें, सब्जियां, फलों को बाजार में सीधे पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानोंं को जमकर मुनाफा हो रहा है.

पहले जानें, क्या होती है ऑर्गेनिक या जैविक खेती?

ऑर्गेनिक या जैविक खेती फसलें उगाने की वह तकनीक है, जिसमें रसायनों और खासतौर पर केमिकल फर्टिलाइजर और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता. इस खेती को पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से किया जाता है, जिसमें खाद के तौर पर गोबर, कीटनाशक के तौर पर नीम आदि से बनाए गए प्राकृतिक कीट नाशकों का उपयोग किया जाता है. इस तरह की खेती में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए क्रॉप रोटेशन यानी बदल-बदल कर फसलें लगाई जाती हैं.

बुरहानपुर में ढाई हजार किसानों ने अपनाई जैविक खेती (Etv Bharat)

ऑर्गेनिक या जैविक खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस तकनीक से पैदा होने वाली फसलें, सब्जी या फल रासायनिक खेती की तरह शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होती और यह पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार होती है.

बुरहानपुर के किसानों ने किया कमाल, सरकार ने दिया प्लेटफॉर्म

बुहानरपुर के किसानों ने ऑर्गेनिक या जैविक खेती के लाभ जानते हुए इसे अपना लिया है और खेतों में प्रयोग शुरु कर दिए हैं. किसानों ने हरी सब्जियां और दलहन उत्पाद जैवक खेती से तैयार किए हैं. ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों को प्रोत्साहित करने और उपभोक्ताओं तक शुद्ध उत्पाद पहुंचाने के मकसद से हाट बाजार की शुरुआत की है. स्थानीय राजस्थानी भवन के समीप हर सप्ताह गुरुवार को हाट बाजार आयोजित किया जाता है, इस बाजार में ताजी सब्जियां, मोटा अनाज और अन्य प्राकृतिक उत्पाद की बिक्री होती है.

BURHANPUR ORGANIC VEGETABLES MARKET
किसानों के ऑर्गेनिक उत्पाद बाजार में पहुंचाने सरकार ने दिया प्लेटफॉर्म (Etv Bharat)

इस दौरान खरीदारी के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ती है, बड़ी संख्या में लोग जैविक पद्धति से उगाए गए उत्पादों को खरीदते है, अब कई लोग जैविक उत्पादकों का सेवन करना पसंद कर रहे हैं.

2500 किसानों ने अपनाई जैविक खेती, महिलाओं को भी ट्रेनिंग

बुरहानपुर के नेपानगर, खकनार सहित शाहपुर क्षेत्र में करीब 2500 किसानों ने जैविक खेती की तरफ रुख किया है, खास बात यह है कि इनमें अधिकांश शिक्षित व आदर्श किसान है, जो अब पारंपरिक व सीजनल फसलों के साथ साथ जैविक फसलों को अपना चुके हैं. वहीं, जिला प्रशासन ने भी महिलाओं को कृषि सखी का प्रशिक्षण दिलाया है, अब यह महिलाएं अन्य किसानों को जैविक खेती का महत्व बता रही हैं, महिलाओं ने भी अपने खेतों में जैविक उत्पाद तैयार किए है. ऐसे में कृषि विभाग (आत्मा) ने इन किसानों की उपज को प्लेटफार्म उपलब्ध कराया है, खेतों से सीधे सब्जियां तोड़कर जैविक हाट बाजार में पहुंचाई जाती है, इससे न सिर्फ किसानों को बेहतर प्लेटफार्म मिला है, बल्कि अच्छी आमदनी का सहारा भी मिल गया है.

BURAHNPUR ORGANIC HATT BAZAR
बुहानपुर के 2500 किसानों ने अपनाई ऑर्गेनिक फार्मिंग (Etv Bharat)

यह भी पढ़ें- मल्टीनेशनल कंपनी की जॉब छोड़ बंजर जमीन पर उगा रहे सोना, एक फूल लगाओ सालों तक कमाओ का मंत्र

1 एकड़ से की शुरुआत, अब अच्छा मुनाफा

शाहपुर तहसील क्षेत्र के बख्खारी गांव की रत्ना मेढ़े ने बताया, '' कृषि विभाग के माध्यम से कृषि सखी का प्रशिक्षण हासिल किया है. यहां 20 महिलाओं ने जैविक खेती के बारीकी से गुर सीखें, महिलाओं को जैविक पद्धति से खेती करने की तकनीक को सिखाई गई, इसके बाद मैंने 1 एकड़ खेत में जैविक खेती का प्रयोग किया है, इस खेती में मुझे सफलता भी मिली है. मैं खेतों से सब्जियां तोड़कर सीधे जैविक हाट बाजार में बेचती हूं, इसके अलावा अन्य दिनों में हमारी सब्जियां ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में पहुंचाई जाती है, इससे मुझे अच्छी आमदनी होती है.''

CHEMICAL FREE FARMING BURHANPUR
रत्ना मेढ़ें ने 1 एकड़ से की थी जैविक खेती की शुरुआत. (Etv Bharat)

यह भी पढ़ें- सिवनी और छिंदवाड़ा की महाराष्ट्र से होगी सुपर कनेक्टिविटी, सावनेर तक फोरलेन कॉरिडोर

चापोरा गांव के किसान धीरज पवार ने बताया, '' हमने जैविक पद्धति से खेती शुरू की, शुरुआती दौर में कठिनाईयां सामने आई, लेकिन कृषि विभाग की मदद से हमने इन चुनौतियों का सामना किया, अब कृषि विभाग ने जैविक हाट बाजार की शुरुआत की है. इस बाजार में जैविक उत्पादकों की बिक्री के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म मिला है, इससे किसानों को लाभ हो रहा है.''

जैविक हाट बाजार में उमड़ रही भीड़

कृषि विभाग (आत्मा) के सहायक तकनीकी प्रबंधक विशाल पाटीदार ने बताया, '' बुरहानपुर जिले में करीब 2500 किसानों ने जैविक खेती का प्रयोग किया है, इस खेती में क्वालिटीयुक्त सब्जियां और अनाज का उत्पादन होता है, इन उत्पादों की बिक्री के लिए जैविक खाद बाजार शुरू किया गया है, इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में मदद मिल रही है.'' इससे पहले बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के मकसद से किसानों के खेतों में जाकर जायजा लिया था, उन्होंने कहा, '' किसानों को जैविक खेती से जोड़ने और इसे लाभ का धंधा बनाने पर जोर दिया जा रहा है''

Last Updated : May 30, 2026 at 3:35 PM IST