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मिठाई से मन्नत उतारने की परंपरा, सैकड़ों क्विंटल मीठे पर नहीं मंडराती एक भी मक्खी

बुरहानपुर में मोती माता मेला हुआ शुरू, देश के कई राज्यों से दर्शन के लिए पहुंचते हैं करीब 6 लाख से अधिक श्रद्धालु.

BURHANPUR MOTI MATA FAIR
बुरहानपुर में मोती माता मेला शुरू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 5:15 PM IST

3 Min Read
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बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े मेलों में से एक मोती माता मेला का भव्य आगाज हो गया है. करीब 250 सालों से प्रसिद्ध मोती माता का मेला आयोजित हो रहा है. इस मेले में मोती माता के दर्शन के लिए हर वर्ष श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. पूरे सप्ताह में करीब 6 लाख श्रद्धालु आते हैं. इनमें से अधिकांश श्रद्धालु मन्नत उतारने पहुंचते हैं, तो कुछ अपनी मुराद पूरी होने की अर्जी लगाते हैं.

माता के दर्शन करने पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु

मान्यता है कि इस मेले के दौरान मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात राजस्थान सहित देश के कई राज्यों से करीब 6 लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं. यहां मन्नत पूरी होने पर मिठाई चढ़ाने की परंपरा है. पुजारी बताते हैं कि मोती माता का प्रिय प्रसाद मिठाई हैं. यहां कई लोग अपने कष्ट लेकर आते हैं और हंसते हंसते वापस जाते हैं. माता रानी सभी के कष्ट हर लेती हैं.

माता के दर्शन करने पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु (ETV Bharat)

सैकड़ों क्विंटल चढ़ती है मिठाई

मोती माता मंदिर में हर दिन सैकड़ो क्विंटल मिठाई चढ़ाई जाती हैं. खास बात यह है कि पूरे परिसर में कहीं भी मक्खी या चींटी नजर नहीं आती, जबकि पूरे परिसर में मिठाइयों का ढेर दिखाई देता है. भक्त इसे माता रानी का चमत्कार मानते हैं, यहां मन्नत मांगने से गृह क्लेश दूर होता है. निसंतान दंपति को संतान सुख प्राप्ति होती है. वहीं, व्यापारिक समस्याओं सहित स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से निजात मिलती है.

Burhanpur Moti Mata devotees
माता के दर्शन करने पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु (ETV Bharat)

मिठाइयों में नहीं लगती हैं मक्खियां

मंदिर समिति सदस्य ईश्वर जाधव ने बताया कि "सबसे आश्चर्यजनक और आस्था से जुड़ी बात यह है कि इतनी अधिक मात्रा में मिठाइयां खुले में रहने के बावजूद उन पर न तो चीटियां लगती हैं और न ही मक्खियां मंडराती हैं. श्रद्धालु इसे माता रानी का चमत्कार और आशीर्वाद मानते हैं. भक्तों का कहना है कि मोती माता की कृपा से यहां सब कुछ पवित्र और सुरक्षित रहता है, यहां मिठाई से मन्नत उतारने की परंपरा है, जो करीब 250 सालों से प्रचलित हैं."

Burhanpur Moti Mata fair
बुरहानपुर में मोती माता मेला हुआ शुरू (ETV Bharat)

गुम हुए बच्चों के लिए है विशेष हेल्पलाइन

समिति सदस्य रामकिशन पवार ने बताया कि "इस मेले में भीड़ इतनी होती है कि कई बार बच्चे गुम हो जाते हैं. इसके लिए मंदिर समिति ने विशेष हेल्पलाइन सेंटर बनाया है. जहां गुम हुए बच्चे को लाया जाता है और फिर अनाउंसमेंट के जरिए बच्चे को उसके परिजन से मिलाया जाता है. इस हेल्पलाइन से हर साल करीब 150 बच्चों को ढूंढने में मदद मिलती है. इसमें पुलिस बल भी हमारी सहयोग करती है."

सुरक्षा के लिए तैनात है पुलिस

नेपानगर एसडीओपी निर्भय सिंह अलावा ने बताया कि "जिला प्रशासन ने मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं. पुलिस विभाग ने 190 अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए हैं. इसी तरह जिला प्रशासन ने एसडीएम, तहसीलदार सहित बड़े पैमाने पर जमीनी अमले की तैनाती की है. यहां यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. वॉलंटियर्स व ग्रामीण भी पूरी निष्ठा से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं."