मैनेजर, कैशियर और क्लर्क बन SSB बैंक चलाती हैं छात्राएं, 65 सक्रिय खाताधारक
बुरहानपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बोरसर में खुला स्टूडेंट सेविंग बैंक. वास्तविक जीवन की बैंकिंग प्रक्रिया सीख रहे हैं विद्यार्थी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 7:54 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 9:17 PM IST
बुरहानपुर: बोरसल गांव में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है. स्कूल में पिछले 5 महीनों से स्टूडेंट सेविंग बैंक ऑफ बोरसल संचालित हो रहा है. इस बैंक में न तो कोई पेशेवर बैंककर्मी है और न ही भारी-भरकम मशीनें. फिर भी यहां बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी हर प्रक्रिया पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ निभाई जा रही है. इस बैंक में 65 खाताधारकों की 12 हजार से अधिक की राशि जमा कराई गई है. बैंक संचालन की जिम्मेदारी कक्षा 12वीं की 3 छात्राओं को सौंपी गई है, जिन्हें मैनेजर, कैशियर और क्लर्क बनाया गया है.
बैंक में हैं 65 सक्रिय खाताधारक
स्टूडेंट सेविंग बैंक ऑफ बोरसल में छात्र-छात्राएं न सिर्फ नकद जमा-निकासी करती हैं, बल्कि खातों का लेखा-जोखा, कैश बुक और पासबुक अपडेट भी पूरी दक्षता से संभालती हैं. सबसे खास बात यह है कि यह अनुकरणीय पहल छात्रों को किताबों से बाहर निकालकर वास्तविक जीवन की बैंकिंग प्रक्रिया से जोड़ रही है. स्कूल में कुल 96 विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनमें से 65 छात्र-छात्राएं इस बैंक के सक्रिय खाताधारक हैं.
सप्ताह में 2 दिन संचालित होता है बैंक
प्रत्येक खाते का अलग 14 अंक का अकाउंट नंबर है, जो स्कूल डाइस कोड और रोल नंबर जोड़कर जनरेट किया गया है. साथ ही बैंक का अपना आईएफएससी कोड भी तैयार किया है, जो माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी संस्था कोड पर आधारित है. इसके अलावा खाताधारकों को पासबुक, जमा और आहरण पर्ची, तथा आवश्यकता अनुसार चेक बुक तक की सुविधा प्रदान की जाती है. यह बैंक सप्ताह में 2 दिन यानी बुधवार और शनिवार को संचालित किया जाता है.
खाता खोलने की शर्त
छात्र-छात्राओं को इस बैंक में खाता खोलने के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, पासपोर्ट फोटो और पालक की सहमति अनिवार्य रखी गई है. जिससे छात्रों में दस्तावेजों के महत्व की समझ भी विकसित हो सके. साथ ही साथ 10 और 20 रुपये के गुणक में होने वाले लेन-देन से बच्चों में नियमित बचत की आदत डाली जा रही है. भविष्य में इस बैंक में लोन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चों को लोन मिल सके.

सर्वाधिक बचत करने वाले 3 विद्यार्थियों को मिलता है पुरस्कार
प्राचार्य योगेश पाटील बताते हैं कि "इस स्टूडेंट सेविंग बैंक ऑफ बोरसल में बच्चों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए हर 3 माह में प्रोत्साहन योजना चलाई जाती है. प्रत्येक कक्षा में सर्वाधिक बचत करने वाले 3 विद्यार्थियों को पेन, कॉपी, टी-शर्ट और गृह उपयोगी सामग्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान करते है. साथ ही साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के लिए विद्यार्थियों को समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है."
एसएसबी के बैंक मैनेजर तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि "इस नवाचार से छात्रों व पालकों का अच्छा लाभ मिल रहा है, स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों में बचत के प्रति रूचि बढ़ी है. साथ ही बैंकिंग का व्यवहारिक ज्ञान भी मिल रहा है.
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प्राचार्य योगेश कुमार पाटिल का कहना है कि "इस छात्र बचत बैंक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बैंकिंग प्रणाली की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान देना है. वित्तीय साक्षरता और छात्र जीवन से ही बचत की आदत विकसित करना है. इसके साथ ही समय-समय पर साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव हेतु आवश्यक जानकारियां भी छात्रों को दी जाती है, ताकि वह सतर्क और जागरूक नागरिक बन सकें."

