ETV Bharat / state

टपकती छत के नीचे खुद को बचाते छात्र, बुरहानपुर के सरकारी स्कूल का बुरा है हाल

बुरहानपुर के बोरसल गांव में क्लासरूम में टपकती छत के नीचे बैठकर पढ़ रहे बच्चे,एक क्लास में लग रही 5 क्लास,शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल.

BURHANPUR GOVT SCHOOL NO FACILITY
बुरहानपुर के सरकारी स्कूल का बुरा है हाल (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 5:58 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बुरहानपुर: खकनार ब्लॉक के बोरसल गांव में नवीन माध्यमिक स्कूल है, जो सरकारी है. इस स्कूल की क्लासरूम में बच्चों को बैठने से पहले ये देखना पड़ रहा है, कि कहीं छत से टपकती पानी की बूंदें उनके सिर और किताबों पर तो नहीं पड़ रही. पानी की गिरती बूंदों के बीच बैठे बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. जबकि जिस तरह के विकास के दावे सरकारें करती हैं, उसके मुताबिक स्कूलों की ऐसी स्थिति होनी तो नहीं चाहिए. ये हालात तब ऐसे हैं, जब बुरहानपुर में तेज बारिश नहीं हुई है.

जर्जर होने के बाद दूसरे भवन में किया था स्कूल शिफ्ट

जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर बोरसल गांव में शासकीय नवीन माध्यमिक स्कूल संचालित होती है. इस गांव में संचालित प्राथमिक स्कूल की इमारत जर्जर हो गई है, जिसके चलते अधिकारियों ने इस शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूल को अस्थायी रूप से माध्यमिक स्कूल के एक भवन में संचालित करने के निर्देश जारी किए थे, अधिकारियों के निर्देश पर शिक्षकों ने प्राथमिक स्कूल को माध्यमिक स्कूल में शिफ्ट किया, लेकिन यह आस्थायी व्यवस्था बच्चों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है.

BURHANPUR CLASSROOM CEILING LEAKING
क्लास रूम में टपक रही छत (ETV Bharat)

क्लास की छत से टपक रहा पानी

प्रधान पाठक सुभाष सिंह बैस ने दावा किया है कि "जिस भवन में प्राथमिक कक्षाएं चल रही है, उसकी छत से बारिश का पानी टपकता है. बारिश में बच्चों का बैठना दूभर हो गया है. इसके अलावा महज एक कमरे में पहली से पांचवी तक 52 बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत आ रही है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही कमरे में एक शिक्षक और दो शिक्षिकाएं, पांचो कक्षाओं के विद्यार्थियों कों पढ़ाते हैं. शिक्षक मजबूरन स्थान बदल-बदलकर पढ़ाने को मजबूर हैं.

BURHANPUR CLASSROOM WATER LEAK
आवेदन की कॉपी (ETV Bharat)

एक कमरे में 5 कक्षाएं होती है संचालित

अधिकारियों ने कक्षा पहली से पांचवी को माध्यमिक स्कूल के शिफ्ट कराया है, यहां एक कमरे में पांचों कक्षाएं संचालित हो रही है, लेकिन इस भवन की छत भी बारिश से टपक रही है. जिसके कारण बच्चों की किताबें और कॉपियां भीग जाती है. बच्चों और शिक्षकों का कमरे में बैठना मुश्किल हो गया है, इससे पढ़ाई में बांधा उत्पन्न हो रही है. हमने संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया है. शिक्षकों, विद्यार्थियों सहित अभिभावकों ने इस समस्या के निराकरण की मांग की है, ताकि बच्चों को परेशानियों से निजात मिल सके.

इस पूरे मामले में आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपूरे ने बताया कि "माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल भवन डीपीसी के अधीनस्थ आते हैं, मामला मेरे संज्ञान में आया है. इस समस्या से डीपीसी को अवगत कराऊंगा, जो भी समस्याएं है, उसका निराकरण किया जाएगा."