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बोदरली गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं, दरगाह की देखरेख करता है हिंदू समाज

गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल बना बुरहानपुर का बोदरली गांव, दरगाह की जिम्मेदारी संभालते हैं हिंदू समाज के लोग, दूर-दूर से आते हैं जायरीन.

HAZRAT SYED BODALSHAH WALI DARGAH
गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल बना बोदरली गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 10:53 AM IST

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Updated : February 27, 2026 at 11:47 AM IST

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रिपोर्ट: सोनू सोहले

बुरहानपुर: रमजान का पवित्र महीना चल रहा है. मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में जुट गए हैं. बुरहानपुर में सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है. जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बोदरली गांव में हजरत सैयद बोदलशाह वली बाबा की प्राचीन दरगाह स्थित है. इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, लेकिन इस दरगाह पर जियारत, दुआ, चादर चढ़ाने सहित देखभाल पूरी जिम्मेदारी श्रद्धा और सम्मान के साथ हिंदू परिवार निभा रहे हैं.

दूर-दूर से दरगाह पर आते हैं लोग
हर साल मुस्लिम धर्म के सभी विशेष त्योहार भी हिंदू समाज बखूबी निभाता है. खास बात यह है कि ग्रामीण विगत कई वर्षों से उर्स और संदल भी मनाते आ रहे हैं. बाकायदा यहां मजार पर फूलों की चादर, लोबान और इत्र चढ़ाया जाता है. इस दरगाह पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों से जायरीन पहुंचते हैं. उनकी मुरादें पूरी होने पर मन्नत उतारते हैं.

दरगाह की जिम्मेदारी संभालते हैं हिंदू समाज के लोग (ETV Bharat)

बोदरली गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता
इन दिनों मुस्लिम समाज का ​पवित्र रमजान का महीना चल रहा है. देशभर सहित बुरहानपुर में मुस्लिम समाजजन रोजा रखते हैं. रोजेदार अल्लाह की इबादत में मशगूल हो चुके हैं. ऐसे में बोदरली गांव से गंगा जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर सामने आई है. यहां हजरत सैयद बोदलशाह वली बाबा की दशकों साल पुरानी दरगाह मौजूद है. रोचक बात यह है कि कई पीढ़ियों से पुरे गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है. लेकिन यहां की देखरेख, साफ-सफाई और ज़ियारत की पूरी जिम्मेदारी गांव के हिंदू परिवारों ने अपने कंधों पर उठा रखी है.

दरगाह में जलाते हैं दीपक, चढ़ाते हैं चादर
वह पूरे सालभर इस दरगाह की निगहबानी करते हैं. हर दिन दीया (दीपक) रोशन करना, लोबान जलाना समेत जायरीनों की खिदमत में पूरी शिद्द्त से जुट जाते हैं. विशेष आयोजन के मौके पर दरगाह में पूरी अक़ीदत के साथ फूलों की चादर पेश करते हैं. यही वजह है बोदरली गांव अब हिंदू मुस्लिम भाईचारे की पहचान बन गया है. इस दरगाह में हिंदू परिवारों को खिदमत और निगहबानी में देख लोग हैरत में पड़ जाते हैं. यहां देश में अमन चैन और खुशहाली की दुआएं मांगी जाती हैं.

BURHANPUR news
दरगाह की देखरेख करते हैं हिंदू समाज के लोग (ETV Bharat)

दरगाह पर पूरी होती हैं मन्नतें
रोजाना सैकड़ों जायरीन अपनी मुरादें लेकर मत्था टेकने और मन्नत मांगने पहुंचते हैं. मन्नत पूरी होने पर मजार पर फूलों की चादर चढ़ाते हैं. इसके आलावा मीठे चावल और शक्कर दाने वितरित करते हैं. महाराष्ट्र के पाडला से आए जायरीन फिरोज तड़वी ने बताया, ''बोदरली गांव में हजरत सैयद बोदलशाह वली की दरगाह मौजूद है. यह दरगाह कई वर्षों पुरानी है, खास बात यह है यहां आने वाले हर जायरीन की जायज मुरादें पूरी होती हैं. इस गांव में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल दिखाई देती है, यहां मुस्लिम समुदाय का कोई परिवार नहीं है, लेकिन गांव के हिंदू परिवारों ने व्यवस्था संभाल रखी है.''

BURHANPUR Hindu caretaker dargah
हजरत सैयद बोदलशाह वली बाबा (ETV Bharat)

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम
जसोंदी गांव से मत्था टेकने आए जायरीन रमजान तड़वी ने बताया, ''इस दरगाह में रोजाना नियमित साफ-सफाई, चादर चढ़ाना, लोभान जलाना और इबादत करना भी इस गांव के ही हिंदू परिवार ने विरासत संभाली है. यही लोग हर साल पूरे रीती-रिवाज से वार्षिक संदल और उर्स का विशेष आयोजन करते हैं.'' इसी तरह जायरीन इरफ़ान तड़वी ने भी बताया कि, ''इस गांव में हिंदू परिवारों ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम की है. यहां की दरगाह की कमान ग्रामीणों ने थाम रखी है. यह लोग दरगाह पर पूरी निष्ठा और सम्मान से हरेक त्योहार मानते हैं.''

ग्राम पंचायत बोदरली के सरपंच ईश्वराज लहासे के भाई जीवराज लहासे ने बताया कि, ''हमारे गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, लेकिन इस दरगाह की देखभाल, चादर पेश करने सहित साफ-सफाई हिंदू परिवार के लोग करते हैं. यहां पूरी शिद्दत से मुस्लिम समाज का हर त्योहार हिंदू परिवार मनाते हैं. बोदरली गांव विशेष रूप से गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल बन गया है.''

ग्रामीण जितेन्द्र कुमार भोपले ने बताया कि, ''मैं अपने परिवार सहित 15 वर्षों तक बोदरली में रहा हूं. यह दरगाह काफ़ी प्राचीन है. यहां हर जायज मन्नत पूरी होती है. खास बात यह है कि पूरे रीती-रिवाज से हिंदू परिवार उर्स और संदल आयोजित करता है.''

Last Updated : February 27, 2026 at 11:47 AM IST