पंचायत में 'कमीशन राज' पर वार: रिश्वत प्रकरण में 23 दिन से फरार बीडीओ निलंबित
बीडीओ पर आरोप था कि वह सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों को धमका कर अवैध वसूली करता था.

Published : February 19, 2026 at 9:52 AM IST
बूंदी: हिण्डोली पंचायत समिति में कथित 'कमीशन राज' के खिलाफ आखिरकार बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद से फरार चल रहे कार्यवाहक विकास अधिकारी (बीडीओ) पीयूष कुमार जैन को पंचायती राज विभाग ने निलंबित कर दिया है. करीब 23 दिन तक चली कानूनी और प्रशासनिक हलचल के बाद यह आदेश जारी हुआ.
पंचायती राज विभाग ने यह कार्रवाई एसीबी बूंदी में दर्ज एफआईआर के आधार पर की है. मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है. यह आदेश विभाग के अतिरिक्त आयुक्त एवं उप शासन सचिव त्रिलोक चन्द मीणा ने जारी किया गया. निलंबन अवधि में पीयूष जैन का मुख्यालय शासन सचिवालय जयपुर रहेगा.
ट्रैप, रिश्वत और फरारी: पूरा घटनाक्रम 27 जनवरी को उस समय सुर्खियों में आया था, जब एसीबी ने हिण्डोली पंचायत समिति में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया. टीम ने प्रगति प्रसार अधिकारी देवराज मीणा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जब तत्कालीन बीडीओ पीयूष कुमार जैन को ट्रैप की भनक लगी और वे कार्यालय से फरार हो गए. तब से वह एसीबी की पकड़ से बाहर है.
'कमीशनखोरी' के गंभीर आरोप: बीडीओ के खिलाफ हिंडोली बार सोसायटी के अधिवक्ताओं ने खुलकर विरोध जताया. अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम को सौंपा और बीडीओ की तत्काल गिरफ्तारी व पूरे कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच की मांग की. अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीडोओ ने सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों को जांच के नाम पर डराकर अवैध वसूली की.

