बालोद में बुलडोजर कार्रवाई, जनमानस की मांग पर सदर बाजार का टूट रहा अतिक्रमण
बालोद जिले के अपर कलेक्टर एसडीएम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूरे अतिक्रमण कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 26, 2026 at 10:25 AM IST
बालोद: शहर के सबसे प्रमुख और सबसे पुराने सदर बाजार में आज सुबह तड़के 6 बजे पुलिस और प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण कार्यों पर बुलडोजर कार्रवाई की. सुबह 6 बजे से यहां पर कार्रवाई जारी है. अपर कलेक्टर, एसडीएम सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूरे अतिक्रमण कारवाई की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात है.
बालोद प्रशासन ने बताया कि सदर बाजार का रोड लगभग 40 मीटर चौड़ा है जो कि अतिक्रमण के कारण काफी सिमट चुका है और जब सर्वे किया गया तो यह पाया कि यदि कोई आपातकाल स्थिति होती है तो आपातकालीन वाहनों को या फिर कोई भी आपातकालीन व्यवस्था पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेग. इसलिए व्यापारियों के साथ मिलकर यहां पर पहले ही बैठक कर सामंजस्य बनाया गया.
छावनी में बदला शहर
पूरा शहर छावनी में तब्दील है. बाजार जाने वाले प्रमुख मार्गो की बैरिकेडिंग कर दी गई है. बड़ी संख्या में व्यापारी यहां पर मौजूद हैं, हालांकि व्यापारियों को पहले ही सामान निकल जाने की चेतावनी दे दी गई थी, बावजूद इसके कई दुकानों में सामान भरे हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अब नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. बता दें की 24 दुकानदारों को यहां पर नोटिस जारी किया गया था और इस अतिक्रमण कारवाई के विरोध में कुछ व्यापारी न्यायालय की शरण में भी गए हुए थे.
शहर का सबसे व्यसततम रोड है. यहां किसी भी तरह की घटना होने पर बचाव दल या फायर ब्रिगेड के पहुंचने में काफी मुश्किल होगी. सर्वे करने पर रोड 40 मीटर चौड़ा है. चैंबर ऑफ कॉमर्स और व्यापारियों से बात कर अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई. सड़क के दोनों तरफ 3- 3 मीटर अतिक्रमण किया गया था, जिस पर कार्रवाई की जा रही है -चंद्रकांत कौशिक, ADM बालोद
लोगों की मांग पर कार्रवाई
भले ही सदर बाजार बालोद शहर का एक हिस्सा है, लेकिन जिला मुख्यालय बनने के बाद सबसे ज्यादा आवाजाही यहां पर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र से होती है. यदि दो गाड़ियां एक साथ इस बाजार में घुस जाए तो यातायात समस्या उभर कर सामने आती है. आए दिन जाम की स्थिति यहां पर निर्मित होती है. व्यापारी कब्जे के बावजूद भी अपने दुकान का सामान बाहर निकाल कर रखते हैं, जिसके कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था. इन सब विषयों को लेकर आम लोगों और विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों के माध्यम से भी सदर बाजार के अतिक्रमण को तोड़े जाने संबंधित मांग सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन ऐतिहासिक कार्रवाई कर रहा है.


