बुलंदशहर में NIA का छापा: डॉक्टर के घर 6 घंटे तक हुई तलाशी, बेटे से पूछताछ और कई डिजिटल डिवाइस जब्त
बुलंदशहर के मोहल्ला ईटारोड़ी में विशाखापट्टनम से आई NIA की टीम ने एक चिकित्सक के आवास पर 6 घंटे तक छापेमारी की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 9:00 PM IST
बुलंदशहर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक विशेष टीम ने बुधवार तड़के बुलंदशहर नगर क्षेत्र के मोहल्ला ईटारोड़ी में एक चिकित्सक के आवास पर अचानक दबिश देकर हड़कंप मचा दिया. करीब छह घंटे तक चली इस सघन छापेमारी और पूछताछ के दौरान एनआईए के अधिकारियों ने घर के सभी सदस्यों के मोबाइल, लैपटॉप और कई संदिग्ध दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए.
जांच का मुख्य केंद्र बिंदु चिकित्सक का बड़ा बेटा बताया जा रहा है, जो कुछ समय पहले ही दूसरे राज्य से वापस लौटा है. नगर क्षेत्र के मोहल्ला ईटारोड़ी में डॉक्टर खुशबुद्दीन उर्फ अलीमुद्दीन अपने परिवार के साथ निवास करते हैं.
सुबह हुई छापेमारी से इलाके में मचा हड़कंप: डॉक्टर खुशबुद्दीन का स्थानीय स्याना अड्डे पर अपना क्लीनिक है. वह घर पर अपने तीन बेटों अब्दुल कादिर, बिलाल और फैजल तथा उनके परिवारों के साथ रहते हैं. बुधवार सुबह करीब छह बजे, जब पूरा मोहल्ला सो रहा था, अचानक एनआईए की टीम तीन गाड़ियों में सवार होकर उनके घर के बाहर रुकी. टीम के अचानक पहुंचने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर परिजनों से पूछताछ की: एनआईए की टीम ने घर में दाखिल होते ही सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले वहां मौजूद सभी सदस्यों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में ले लिए. इसके बाद टीम ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली. इस दौरान कई महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेजों को भी खंगाला गया और उन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया. एनआईए के अधिकारियों ने घर के सभी सदस्यों को अलग-अलग बैठाकर बारी-बारी से लंबी पूछताछ की.

विशाखापट्टनम से आई टीम ने की कार्रवाई: मुख्य रूप से डॉक्टर के बड़े बेटे अब्दुल कादिर को लेकर सवाल-जवाब किए गए. अब्दुल कादिर पहले किसी गैर राज्य में रहता था और कुछ ही महीने पहले बुलंदशहर वापस आया था. वहीं, दूसरा बेटा बिलाल पेशे से मैकेनिक है और तीसरा बेटा फैजल कॉस्मेटिक का व्यवसाय करता है. छापेमारी करने आई एनआईए की यह टीम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से आई थी.
छह घंटे तक तलाशी लेने के बाद रवाना हुई टीम: हालांकि, यह पूरी कार्रवाई किस मामले या किस इनपुट के आधार पर की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. एनआईए के अधिकारी पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे रहे और बिना कोई जानकारी साझा किए दोपहर करीब 12 बजे रवाना हो गए. इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी की भनक शुरुआत में स्थानीय पुलिस को भी नहीं लगी. मामले को लेकर स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों ने भी असमर्थता जताई.

डिजिटल सबूतों के साथ आगे की तफ्तीश में जुटी एजेंसी: बुलंदशहर के एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि एनआईए की टीम के आने की सूचना बाद में मिली थी, जिसके तुरंत बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया था. एनआईए की इस जांच के विषय और कारणों के संबंध में स्थानीय पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. करीब छह घंटे तक चली इस मैराथन छापेमारी के बाद एनआईए की टीम कई अहम सबूतों और डिजिटल उपकरणों को अपने साथ लेकर रवाना हो गई. इस कार्रवाई के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं और सुरक्षा एजेंसियां मामले को बेहद संवेदनशील मानकर आगे की तफ्तीश में जुट गई हैं.
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