23 फरवरी से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र , 24 को आएगा बजट
छत्तीसगढ़ के बजट को लेकर सियासी गहमा गहमी शुरू हो गई है. 24 फरवरी को बजट आएगा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 20, 2026 at 7:37 PM IST
रायपुर: आम बजट के बाद अब छत्तीसगढ़ की जनता को प्रदेश के बजट का इंतजार है. इस बीच 23 फरवरी से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे. उससे पहले बैठकों प्रेस वार्ताओं और रणनीतिक मंथन का दौर तेज हो गया है.
23 फरवरी से बजट सत्र की शुरुआत
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होगा. पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं का खाका पेश किया जाएगा.
24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे बजट
24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे. यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा और कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. प्रश्नकाल, शून्यकाल और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है.
21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष ने बुलाई पत्रकार वार्ता
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 21 फरवरी को अपने शंकर नगर स्थित शासकीय निवास (स्पीकर हाउस) में पत्रकार वार्ता बुलाई है. इस दौरान वे बजट सत्र की कार्यवाही, नियमों और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत जानकारी देंगे. विधानसभा प्रशासन ने सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली है.
22 फरवरी को भाजपा विधायक दल की बैठक
22 फरवरी को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की बैठक आयोजित होगी. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में रात 8 बजे होगी. बैठक में भाजपा के सभी विधायक और मंत्री शामिल होंगे. बजट सत्र के दौरान विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने, सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से रखने और विकास एजेंडे को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
23 फरवरी को कांग्रेस की रणनीति बैठक
23 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक कांग्रेस भवन, रायपुर में आयोजित होगी. यह बैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में होगी। बैठक में सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई जाएगी. महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की स्थिति और सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है.
बजट 2026-27 पर फोकस
वित्त मंत्री के अनुसार यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी होगा. वर्ष 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा. सरकार इसे विकासोन्मुख बजट बता रही है, जबकि विपक्ष इसे जनता की अपेक्षाओं की कसौटी पर परखने की तैयारी में है.
बजट सत्र में दिखेगा सियासी घमासान
बजट सत्र से पहले की बैठकों और तैयारियों ने यह साफ कर दिया है कि सदन में सियासी टकराव तेज रहने वाला है. सत्ता पक्ष विकास के एजेंडे के साथ मैदान में उतरेगा, तो विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर आक्रामक रुख अपनाएगा. ऐसे में 23 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

