ETV Bharat / state

विधानसभा बजट सत्र: सवालों में घिरे सरकार के मंत्री, खाद्य आपूर्ति मामले में जांच के आदेश

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट कहा कि प्रश्नकाल में बहस नहीं होती और सदस्यों को नियमों का पालन करना चाहिए.

Rajasthan Vidhansabha 2026
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा (Courtesy Rajasthan Legislative Assembly)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 18, 2026 at 2:16 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: विधानसभा में भजनलाल सरकार के मंत्री सवालों में घिरते नजर आए. प्रश्नकाल के दौरान बुधवार को जनजाति आश्रम छात्रावास में खाद्य सामग्री की आपूर्ति मामले में जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, चौमू नगर परिषद में कार्य संविदा कर्मियों के मामले में स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा, प्रदेश के विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित स्वयंपाठी विद्यार्थियों के विमर्श शुल्क मामले में उच्च शिक्षा मंत्री और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा सवालों के जवाब नहीं दे पाए. इस पर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया और विधानसभा अध्यक्ष को कार्रवाई की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष ने अलग-अलग सवाल पर मंत्रियों को व्यवस्था दी. इधर, खाद्य सामग्री घोटाले मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए.

जनजाति आश्रम छात्रावासों में खाद्य सामग्री आपूर्ति में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए विधायक अर्जुन सिंह बामनियां ने मंत्री बाबूलाल खराड़ी से आपूर्ति की दरें पूछीं, लेकिन स्पष्ट उत्तर नहीं मिलने पर विपक्ष ने हंगामा किया. मंत्री खराड़ी ने बताया कि दरें बाजार के अनुसार बदलती रहती हैं और सभी बिल उपलब्ध करा दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि दरों में अंतर की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. विपक्ष ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया से बचने के लिए छात्रावास वार्डनों को अलग-अलग बजट भेजा गया. विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री को पूरे मामले की गहन जांच कराने के निर्देश दिए.

सवालों में घिरे सरकार के मंत्री (Courtesy Rajasthan Legislative Assembly)

पढ़ें: विधानसभा बजट सत्र : गाय से गोपाल पर घमासान जारी, सदन में आज भी हंगामे के आसार

चौमू नगर परिषद में कार्यरत संविदा कर्मियों की स्थिति पर विधायक शिखा मील ने सवाल उठाया. मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है, यह स्वतंत्रता के बाद से चली आ रही समस्या है. उन्होंने बताया कि जिन मामलों में शिकायतें मिली हैं, उनमें संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है.

प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा स्वयंपाठी विद्यार्थियों से वसूले जा रहे विमर्श शुल्क को लेकर लगे सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री व उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा जवाब नहीं दे पाए. इस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. विधायक मनीष यादव ने उच्च शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि अलवर, जयपुर और उदयपुर के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों से विमर्श शुल्क के रूप में लगभग 223 करोड़ रुपए वसूले गए हैं. यह राशि कहां खर्च की गई और कितने विमर्श केंद्र स्थापित किए गए. जवाब के दौरान मंत्री बैरवा तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की संख्या बताते हुए उलझते नजर आए. इस पर विधायक मनीष यादव ने स्पष्ट जानकारी देने की मांग की. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यदि मंत्री ने गलत उत्तर दिया है तो यह विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में आता है. मंत्री बैरवा के जवाब के दौरान सदन में लगातार शोरगुल होता रहा. विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि प्रश्नकाल में बहस नहीं होती और सदस्यों को नियमों का पालन करना चाहिए. हंगामे के बीच प्रश्नकाल की अवधि पूरी होते ही कार्यवाही आगे बढ़ी और सदन में शांति बहाल हुई.

Rajasthan Vidhansabha 2026
सदस्यों को शांत करते विधानसभा अध्यक्ष देवनानी (Photo Courtesy: Rajasthan Vidhansabha)

यह भी पढ़ें: दीया कुमारी का विपक्ष पर पलटवार, कहा- पानी का गिलास गिनने की जगह बजट पढ़ लेते

इन विधायकों ने पूछे सवाल: प्रश्नकाल में अकलेरा-मनोहर थाना क्षेत्र में बस स्टैंड निर्माण का मुद्दा भी उठा. विधायक गोविंद प्रसाद के प्रश्न पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सीमित संसाधनों और परिवहन निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. भूमि उपलब्ध होने पर विचार किया जाएगा. करणपुर क्षेत्र में जल योजनाओं पर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर ने स्वीकृत पदों में रिक्तियों और दूषित जल आपूर्ति का मुद्दा उठाया. मंत्री कन्हयालाल ने स्वीकार किया कि 41 में से 20 पद रिक्त हैं, जिन्हें पदोन्नति और संविदा से भरा जाएगा. इसी प्रकार राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, टोडाभीम विधायक घनश्याम और महुआ विधायक राजेन्द्र मीणा ने भी अपने अपने क्षेत्र से संबंधित मामले उठाए.

Rajasthan Vidhansabha 2026
नेता प्रतिपक्ष जूली (Photo Courtesy: Rajasthan Vidhansabha)

इसे भी देखें: युवक को था गहने पहनने का शौक, बदमाशों ने हत्या कर शव नदी में फेंका, ग्रामीणों ने सड़क पर किया प्रदर्शन

विधानसभा में गूंजा किशनगोपाल हत्याकांड: बूंदी जिले के नमाना थाना क्षेत्र में 30 जनवरी की रात हुए सनसनीखेज किशन गोपाल हत्याकांड का मामला बुधवार को कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में उठाया. उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि घटना को 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों ऐसी जघन्य वारदात के बाद भी अपराधी पकड़ से दूर है और पुलिस केवल आश्वासन दे रही है.विधायक शर्मा ने विधानसभा में बताया कि नमाना थाना क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी किशन गोपाल बैरवा को 30 जनवरी की रात उसके घर के बाहर से उठा लिया गया था. बाद में सोने-चांदी के आभूषण लूटकर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई. शव को कर्जुना नदी में फेंक दिया. विधायक ने बताया कि वे इस संबंध में दो बार गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम तथा जिला पुलिस अधीक्षक से बात कर चुके, लेकिन नतीजा आज तक कुछ नहीं निकला.