बजट पर बयानबाजी: भाजपा का कांग्रेस पर तंज, होटलों में बंद रहने वालों को बोलने का हक नहीं
भाजपा ने कांग्रेस के भजनलाल सरकार में आंतरिक कलह के आरोप नकारे. मंत्री पटेल ने बजट की तारीफ की.

Published : February 12, 2026 at 5:13 PM IST
जयपुर : राज्य बजट पर पक्ष विपक्ष की बयानबाजी जारी है. कांग्रेस ने बजट के बहाने भाजपा सरकार में आंतरिक खींचतान का आरोप जड़ा. इस पर भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर निशाना साधा. मंत्री पटेल ने कहा, जिसकी जैसी संस्कृति होती है, वह वैसा ही सोचता है, जो खुद दो साल होटलों में बंद रहे, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है. असल में कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रदेश भाजपा में सब कुछ सामान्य नहीं है. मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों के बीच मतभेद हैं. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट पेश किया, लेकिन जवाब मुख्यमंत्री देंगे. इससे पार्टी में कुर्सी की खींचतान साफ नजर आती है. इन आरोपों को भाजपा नेताओं ने सिरे से खारिज किया.
कांग्रेस अपनी संस्कृति दूसरों में देखती है: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस की आदत हमेशा खामियां ढूंढने की रही है. कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह की वजह से दो साल होटल में बंद रही. तब जन कार्य प्रभावित हुए. अब वे उसी नजर से भाजपा को भी देख रहे हैं, लेकिन भाजपा पूरी तरह एकजुट है.पटेल ने बजट को शानदार, जानदार और ऐतिहासिक बताया. कहा, यह बजट विकसित राजस्थान की संकल्पना को साकार करने की दिशा में मजबूत कदम है. कांग्रेस इसे राजनीतिक नजरिए से देख रही है.
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डबल इंजन सरकार का ऐतिहासिक बजट: उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए बजट की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री दीया कुमारी का पेश 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए का बजट प्रदेश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण को समर्पित है.चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में 32 हजार 526 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो 53 प्रतिशत अधिक है. कृषि बजट में 7.59 प्रतिशत और ग्रीन बजट में 20.81 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर फोकस: उप मुख्यमंत्री ने बताया, शिक्षा के क्षेत्र में 69 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. यह पिछले बजट से करीब 35 प्रतिशत अधिक है. 400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में क्रमोन्नत किया जाएगा. जरूरतमंद विद्यार्थियों को टैबलेट, लैपटॉप, साइकिल और यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से ई-वाउचर उपलब्ध कराए जाएंगे.
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किसानों और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान: किसान हित में शेखावाटी क्षेत्र तक यमुना जल पहुंचाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपए के कार्य शुरू किए जाएंगे. 35 लाख से अधिक किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए के ऋण वितरित किए जाएंगे. 800 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान पर खर्च होंगे. महिला सशक्तिकरण के तहत 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं की स्थापना, जिला स्तर पर महिला बीपीओ, 5 हजार महिलाओं को बीसी सखी और 1 हजार महिलाओं को बैंक सखी बनाने का प्रावधान किया गया है.
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