बोधगया में मना बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का 91वां जन्मदिन, महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा के साथ कटा 25 पाउंड का केक
बोधगया में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का 91वां जन्मदिन 25 पाउंड का केक काटकर और महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ मनाया गया.

Published : July 6, 2026 at 8:47 PM IST
गयाजी: बिहार में भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान भूमि बोधगया में बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया गया. दलाई लामा के 91वें जन्मदिन को लेकर महाबोधि मंदिर में सुबह से ही पूजा अर्चना का दौर लगातार चलता रहा. इस पावन अवसर पर वहां उपस्थित लोगों द्वारा उनके दीर्घायु जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई.
बुद्धिस्ट काउंसिल का आयोजन: इस बार इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल द्वारा बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा के जन्मदिन पर एक विशेष समारोह का भव्य आयोजन किया गया. इस दौरान वहां उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं द्वारा करीब 25 पाउंड का केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया. इस साल बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा पूरे 91 वर्ष के हो चुके हैं और इसे लेकर श्रद्धा का माहौल दिखा.
गंगटोक के चीफ जस्टिस बने मुख्य अतिथि: 6 जुलाई को उनके जन्मदिन के अवसर पर सुबह से ही अंतरराष्ट्रीय बौद्धस्थली बोधगया में पूजा अर्चना का दौर चलता रहा. आईसीबी द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गंगटोक के चीफ जस्टिस शामिल हुए. इसके अलावा देश-विदेश से आए कई गणमान्य लोग भी इस अवसर पर वहां उपस्थित रहे.

संचालक आमची लामा का बयान: इस संबंध में तिब्बती मंदिर के संचालक आमची लामा ने कहा कि पूरे विश्व में दलाई लामा का जन्मदिन आज मनाते हैं. बोधगया में 125 बुद्धिस्ट मठ है, उनका एक काउंसिल है, जिसका नाम इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल है. इस बार इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल के द्वारा काफी उल्लास के साथ समारोह का आयोजन हुआ.
"पूरे विश्व में दलाई लामा का जन्मदिन आज मनाते हैं. बोधगया में 125 बुद्धिस्ट मठ है, उनका एक काउंसिल है, जिसका नाम इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल है. इस बार इंटरनेशनल बुद्धिस्ट काउंसिल के द्वारा काफी उल्लास के साथ समारोह का आयोजन हुआ." - आमची लामा, तिब्बती मंदिर के संचालक
मुख्यमंत्री को आमंत्रण: इस समारोह का आयोजन कर बौद्ध धर्म गुरू का जन्मदिन मनाया गया और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की गई. समारोह में शामिल होने के लिए गंगटोक के चीफ जस्टिस मुख्य अतिथि के रूप में यहां आए थे. बिहार के मुख्यमंत्री को भी इस पावन कार्यक्रम में बुलाने के लिए आमंत्रण भेजा गया था.
महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा अर्चना: बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का प्रशासनिक व्यवस्तता के कारण बोधगया आने का कार्यक्रम नहीं बन सका. 6 जुलाई को सुबह से ही बौद्ध मंदिरों में पूजा अर्चना का दौर देखने को मिला. महाबोधि मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई और दलाई लामा का जन्मदिन काफी उल्लास और धार्मिक वातावरण में मनाया गया.
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