BSP ने आशीष आनंद को पार्टी से 6 साल के लिए निकाला, सम्राट चौधरी का समर्थन करना पड़ा महंगा
सम्राट चौधरी के समर्थन पर बसपा ने सख्ती दिखाई है. तारापुर प्रत्याशी आशीष आनंद को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया. पढ़ें खबर

Published : November 7, 2025 at 8:29 PM IST
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने एक उम्मीदवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. तारापुर विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी आशीष आनंद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है.
आशीष आनंद को BSP ने किया निष्कासित : बसपा ने आज शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस निर्णय की पुष्टि की. पार्टी ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि तारापुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का बसपा उम्मीदवार ने समर्थन किया है. लेकिन बसपा ने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया.
सम्राट चौधरी का समर्थन पड़ा भारी! : दरअसल, कुछ दिनों पहले तारापुर से बसपा उम्मीदवार आशीष आनंद ने सार्वजनिक रूप से बीजेपी प्रत्याशी सम्राट चौधरी का समर्थन किया था. बसपा नेतृत्व ने इस कदम को पार्टी अनुशासन और विचारधारा के खिलाफ बताया है.

''पार्टी सख्त अनुशासन और अपने सिद्धांतों पर आधारित राजनीति करती है. किसी भी स्तर पर पार्टी के विरोध में या दूसरी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करना गंभीर अपराध माना जाएगा. इसी कारण बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर आशीष आनंद को तत्काल प्रभाव से पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है.''- गौतम प्रसाद खरवार, प्रदेश कार्यालय सचिव, बसपा
'NDA या महागठबंधन से BSP का अलाइंस नहीं' : पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने साफ कहा है कि बसपा किसी भी परिस्थिति में भाजपा या एनडीए के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष गठबंधन नहीं करेगी. पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय, समानता और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा करना है, और जो भी व्यक्ति इस विचारधारा से भटकेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी. बसपा अकेले अपने बूते बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रही है.
तारापुर की जंग : तारापुर विधानसभा में खुला मुकाबला दिख रहा है. एनडीए की ओर से सम्राट चौधरी हैं वहीं महागठबंधन की ओर से राजद ने अरुण शाह को प्रत्याशी बनाया हुआ है. वहीं जन सुराज ने डॉ संतोष कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. इन्हीं 3 के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है. हालांकि कई प्रत्याशियों ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेते हुए सम्राट चौधरी को समर्थन दिया है.
एनडीए की पकड़ इस इलाके में पिछले दौरों में मजबूत रही है. विकास-कार्यों, सरकारी योजनाओं और सत्ता-अनुभव के आधार पर सम्राट चौधरी को बढ़त दिखाई पड़ती है. वहीं आशीष आनंद ने अपना समर्थन सम्राट चौधरी को दिया, जिससे सम्राट चौधरी की बढ़त मजबूत हो गई. 6 नवंबर को चुनाव संपन्न हो गया है और अब सभी की नजरें 14 नवंबर को आने वाले परिणाम पर टिकी हुई है.
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