नूंह में पुल ढहने से ग्रामीण परेशान, स्कूली बच्चे और किसान बुरी तरह प्रभावित, लंबे रास्ते से तय करना पड़ रहा सफर
नूंह में पुल टूटने से ग्रामीणों को काफी ज्यादा परेशान हो रही हैं. स्कूली बच्चे और किसान परेशान हो रहे हैं.


Published : February 13, 2026 at 3:14 PM IST
|Updated : February 13, 2026 at 3:39 PM IST
नूंह: हरियाणा के नूंह में बनारसी गांव में ड्रेन के ऊपर बना करीब 40 वर्ष पुराना पुल अचानक भरभराकर ढह गया. जिससे आसपास के कई गांवों का आपसी संपर्क पूरी तरह टूट गया. गनीमत रही कि हादसे के समय पुल पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था. जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस दौरान लोग काफी परेशान हुए. पुल टूटने से आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है. ग्रामीणों को पुल टूटने से भारी परेशानियां हो रही है.
"स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानियां": स्थानीय लोगों ने बताया कि "यह पुल बलई, बदरपुर, पिनगवां, शिकरावा इत्यादि गांवों के अलावा शहरों होडल, पलवल को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग था. पुल गिरते ही इन सभी गांवों की आवाजाही बाधित हो गई. ग्रामीणों के अनुसार, "अब उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है. सबसे अधिक परेशानी तो स्कूली बच्चों को हो रही है. स्कूल बस गावं तक नहीं पहुंच पा रही, जिससे बच्चों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है".
किसानों की बढ़ी मुश्किलें: ग्रामीणों ने बताया कि "फसल कटाई के बाद किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में भी भारी परेशानियां हो रही है. वहीं, मजदूरों और व्यापारियों के कामकाज पर भी असर पड़ेगा. आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं और एंबुलेंस को वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ रहा है. जिससे समय पर इलाज मिलने में देरी की आशंका बढ़ गई है. पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था और कई बार इसकी मरम्मत की मांग की गई थी. लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लोगों ने प्रशासन से जल्द पुनर्निर्माण और अस्थायी वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है".
ये भी पढ़ें: नूंह में अचानक ढह गया पुल, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, लोग बोले - लंबे समय से जर्जर था ब्रिज
ये भी पढ़ें: सिटी ब्यूटीफुल को मिलेगी सौगात, सड़कों पर दौड़ेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें, जानें कब हो रही पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत

