7 साल पहले हो गयी थी हत्या! अब जिंदा लौटी दुल्हन, जानें पूरा मामला
सात साल पहले पिता ने नवविवाहिता बेटी की हत्या का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी, अब वह जिंदा लौटी.

Published : December 27, 2025 at 6:22 PM IST
मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में लोग उस समय हैरान रह गए, जब सात साल पहले मृत महिला लौटी. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. दरअसल मामला 9 नवंबर 2018 से जुड़ा है. 4 मार्च 2018 को चकिया थाना क्षेत्र के बारा गोविंद गांव निवासी नरेंद्र (बदला हुआ नाम) की शादी हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद दुल्हन रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी.
दहेज की लालच में हत्या का आरोप: मामले की जानकारी मिलने के बाद पिता ने इसे संदिग्ध माना और 9 नवंबर 2018 को मोतिहारी न्यायालय में एक परिवाद दायर किया. परिवाद में उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज की लालच में ससुराल वालों ने बेटी की निर्मम हत्या कर दी. साक्ष्य मिटाने के लिए शव को गायब कर दिया. कोर्ट ने इस परिवाद को गंभीरता से लिया और चकिया थाने में कांड संख्या 294/18 दर्ज करने का आदेश दिया.
पांच लोगों पर लगा था आरोप: तत्कालीन एसपी के सख्त पर्यवेक्षण में मामले की शुरुआती जांच हुई. घटना को प्रथम दृष्टया सत्य माना गया. दुल्हन के पति, सास, ससुर सहित कुल पांच लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया. गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी घर-बार छोड़कर फरार हो गए. उनके परिवारों पर भारी दबाव पड़ा.
मामले को रफा दफा करना पड़ा: महीनों तक पुलिस की तलाश जारी रही, लेकिन आरोपी कहीं नहीं मिले. इस बीच मामले को रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर पिता को मोटी रकम ऑफर की गई. आखिरकार, सुलहनामे के जरिए कोर्ट में समझौता दाखिल कराया गया, जिससे केस की गति धीमी पड़ गई.
'महिला जिंदा है..': हालांकि, पुलिस ने जांच बंद नहीं की. अनुसंधान के दौरान एक गोपनीय सूचना मिली कि महिला जिंदा है. वह अपने मायके में मौजूद है. इस सूचना पर केस के जांचकर्ता पीएसआई मौसम कुमार ने तुरंत एक्शन लिया. उन्होंने पीएसआई साक्षी सेहा और एक पुलिस टीम के साथ छापेमारी की. मायके पहुंचकर महिला को बरामद कर लिया गया.
दूसरे युवक से कर ली शादी: पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ससुराल के माहौल से तंग आकर वह घर से भाग निकली थी. सीधे गुजरात के अहमदाबाद चली गई, जहां उसने एक युवक से दूसरी शादी कर ली. वहां वह खुशी से रह रही थी और उसे एक बच्चा भी हो गया. हाल ही में वह अपने मायके लौटी थी, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई. महिला ने पिता के आरोप को गलत बताया.
"ना मेरी हत्या हुई थी और ना ही ससुराल वालों ने दहेज की कोई मांग थी. यह पूरा मामला मेरे पिता द्वारा गढ़ा गया झूठा आरोप था. मैं ससुराल से तंग आकर भाग गयी थी. ससुराल वालों पर लगे आरोप गलत हैं." -महिला
झूठी शिकायत की गयी थी: पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को झूठी शिकायत का क्लासिक उदाहरण बताया. मोतिहारी के एसपी ने कहा कि इस तरह के फर्जी केस न केवल निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करते हैं, बल्कि पुलिस संसाधनों का भी दुरुपयोग करते हैं. चकिया थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि अब आरोपी बनाए गए ससुराल पक्ष के लोगों को क्लीन चिट दी जाएगी.
"सुलहनामा रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. महिला के पिता पर अब झूठी शिकायत दर्ज करने का केस चल सकता है. महिला को बरामद कर लिया गया है." -मौसम कुमार, जांच अधिकारी
ससुराल पक्ष को राहत: महिला का बरामद होना न केवल ससुराल पक्ष के लिए राहत की खबर है, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए सबक भी. निर्दोष लोग सालों तक फरार की जिंदगी जीने को मजबूर हो जाते हैं. महिला अब अहमदाबाद लौटने की तैयारी कर रही है, जहां उसका पति और बच्चा उसका इंतजार कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें:

