ईंट भट्टा संचालक का शिवनाथ नदी पर था कई साल से कब्जा, अस्थायी पुल बनाकर करता था परिवहन, फोर्स की मौजूदगी में चला बुलडोजर
दुर्ग में अस्थाई पुल को जिला प्रशासन ने तोड़ दिया है.ईंट भट्टा संचालक अस्थायी पुल बनाकर नदी के दोनों ओर परिवहन कर रहा था.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 6, 2026 at 12:15 PM IST
दुर्ग : शिवनाथ नदी में ईंट भट्टा संचालक ने कब्जा करके अवैध रास्ते का निर्माण किया था. ईंट भट्टा संचालक के शिवनाथ नदी के दोनों ओर ईंट भट्टे हैं.दोनों ईंट भट्टों का इस्तेमाल व्यावसायिक रुप से करने के लिए ठेकेदार ने बीच से अस्थायी पुल बना लिया.जैसे ही प्रशासन को इसकी जानकारी लगी वैसे ही जिला प्रशासन की टीम ने जांच के बाद कार्रवाई की.
अवैध पुल को तोड़ा गया
डोमा पथरिया और रवेलीडीह गांव को जोड़ने के लिए एक एनीकेट तैयार किया गया है. वहीं अब एक नया पुल भी सेतु विभाग बना रहा है. लेकिन इसके बाद भी ईंट भट्टा कारोबारी ने अलग से ही मिट्टी का पुल बनाकर अपना व्यवसाय जारी रखा. बिना अनुमति से अवैध तरीके से निर्माण कर इस अस्थायी पुल का संचालन किया जा रहा था. जिला प्रशासन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारी को मौके पर भेजकर अवैध पुल को ध्वस्त कराया गया है. कार्रवाई के दौरान किसी तरह के दस्तावेज पेश नहीं किए गए.

शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए निर्देशित किया था. जांच के दौरान मिट्टी का पुल बिना अनुमति से अवैध तरीके से निर्माण कर संचालित किया जा रहा था. इसके बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारी को मौके पर भेजकर अवैध पुल को ध्वस्त करवाया गया है. ईंट भट्टा संचालक ने किसी भी तरह का वैध दस्तावेज नहीं पेश किया है- अभिजीत सिंह, कलेक्टर


कलेक्टर ने की त्वरित कार्रवाई
आपको बता दें कि ईंट भट्टा संचालक ने अस्थायी पुल निर्माण के लिए किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली थी. अवैध पुल को लेकर आसपास के गांव वालों ने इस संबंध में पहले भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी. दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह को इस पूरे प्रकरण की जानकारी मिलने पर जल संसाधन के अधिकारी और SDM को मौके पर भेजकर अस्थायी पुल को तोड़ा गया.

पैसों की बचत करता था ठेकेदार
आपको बता दें कि ईंट भट्टा कारोबारी नीलकंठ चक्रधारी अस्थायी पुल के माध्यम से ट्रक ट्रैक्टर के जरिए ईंट परिवहन करता है. इस अस्थायी पुल के कारण नीलकंठ चक्रधारी पैसों की बचत करता था.यही नहीं नदी के बीच में पानी निकासी के लिए उसने सीमेंट की पाइपलाइन बिछा रखी थी.

20 साल से चल रहा था अस्थाई पुल
ईंट भट्टा कारोबारी नदी पर नवंबर महीने के समय पुल का निर्माण करता था. इसके बाद बारिश में यह पुल नदी के तेज बहाव के कारण अपने आप बह जाता था. यह सिलसिला पिछले 20 साल से चल रहा था,लेकिन शिकायत मिलने पर दुर्ग कलेक्टर ने कार्रवाई की है.
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