विशेषाधिकार हनन मामला: आतिशी पर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव देंगे अंतिम जवाब, सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी का इंतजार
सिख गुरुओं के खिलाफ टिप्पणियों के मामले में आतिशी के खिलाफ चल रही जांच ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है.

Published : February 13, 2026 at 4:26 PM IST
नई दिल्ली: सिख गुरुओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी के विरुद्ध चल रही जांच ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है. पंजाब सरकार के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस संवेदनशील मामले पर जल्द ही अपना अंतिम और औपचारिक जवाब दिल्ली विधानसभा सचिवालय को सौंपेंगे. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सक्षम प्राधिकारी से अंतिम अप्रूवल मिलते ही विस्तृत रिपोर्ट भेज दी जाएगी.
विधानसभा सचिवालय के पत्र पर दी सफाई
पंजाब गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्यालय ने दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा 5 फरवरी, 2026 को भेजे गए पत्र के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट की है. दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस पत्र के माध्यम से विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के मामले पर पंजाब सरकार से लिखित टिप्पणी मांगी थी. गृह विभाग ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 5 फरवरी के इस पत्र से पहले, विभाग को दिल्ली विधानसभा सचिवालय की ओर से इस विशिष्ट मामले में कोई सीधा संचार या नोटिस प्राप्त नहीं हुआ था. हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले की कानूनी और तकनीकी समीक्षा को लेकर शुरू से ही सक्रिय रहा है.
डीजीपी और एफएसएल की रिपोर्ट शामिल
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के शीर्ष कानून प्रवर्तन और तकनीकी विंगों को जांच में शामिल किया गया है. विभाग के अनुसार, पंजाब के पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त जालंधर और पंजाब फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक की औपचारिक टिप्पणियां और तकनीकी निष्कर्ष पहले ही तैयार किए जा चुके हैं.

दिल्ली सचिवालय द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदुओं और तकनीकी पहलुओं पर आधारित इन रिपोर्टों को पहले ही संबंधित कार्यालयों को अग्रसारित किया जा चुका है. अब अतिरिक्त मुख्य सचिव इन सभी रिपोर्टों और कानूनी पहलुओं को संकलित कर एक व्यापक उत्तर तैयार कर रहे हैं, जो इस मामले में पंजाब सरकार के निश्चित रुख को स्पष्ट करेगा.
सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद भेजी जाएगी रिपोर्ट
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों के निष्कर्षों को शामिल करते हुए अंतिम उत्तर तैयार कर लिया गया है. वर्तमान में यह दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी के पास अंतिम मंजूरी और अनुमोदन के लिए लंबित है. विभाग ने आश्वस्त किया है कि जैसे ही उच्च स्तर से हरी झंडी मिलेगी, यह जवाब बिना किसी देरी के दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेज दिया जाएगा.
जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह विवाद दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के संबंध में की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है. इस मामले को लेकर दिल्ली विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया था, जिसकी जांच प्रक्रिया के तहत पंजाब सरकार से तकनीकी और पुलिसिया इनपुट मांगे गए थे. अब अतिरिक्त मुख्य सचिव के जवाब के बाद इस जांच प्रक्रिया के तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है.
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