पैक्ड फूड कहीं बीमार न करे दे, धड़ल्ले से हो रहा सेहत से खिलावाड़, ऐसे जानें प्रोडक्ट की असलियत
अकेले भोपाल में ही पिछले 1 महीने में 1100KG मिलावटी प्रोडक्ट जब्त,घी से लेकर पनीर तक, सब मिलावटी, बृजेंद्र पटैरिया की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 12:03 PM IST
|Updated : August 28, 2026 at 7:06 AM IST
भोपाल : पैकिंग में चमचमाती मिठाई, दमदार दिखता घी या लजीज पनीर मिलावटी भी हो सकता है. या फिर उसमें ऐसी चीजें मिली हो सकती हैं, जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. हाल ही में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने प्रदेश में छापेमारी शुरू की है, जिसमें नए-नए ब्रांड नाम से मिलावटी मिठाई, घी बाजार में खपाए जाने के मामले सामने आए हैं. ऐसे कई मिलावटी खाद्य पदार्थ पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और गुजरात से आने का दावा किया जा रह है. ऐसे में ग्राहक कैसे ऐसे प्रोडक्ट्स से बच सकते हैं, आइए जानते हैं.

पिछले 1 महीने में 1100KG मिलावटी प्रोडक्ट जब्त
भले ही मध्यप्रदेश सरकार ने गुजरात और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिख मिलावटी उत्पाद खपाए जाने की शिकायत की, बावजूद इसके बाजार में ऐसे फूड प्रोडक्ट की भरमार है. महाराष्ट्र के बाद जहां उत्तर प्रदेश में मिलावटी उत्पादों पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, तो वहीं मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने में 11 क्विंटल से ज्यादा मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि ऐसे पदार्थों में पाम आयल, वनस्पति ऑयल मिलाया जा रहा है, जो शरीर में तेजी से ट्रांस फैट बढ़ाता है, साथ ही ऐसे इनग्रीडिएंट्स मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं और इन्हें बेहद छोटे-छोटे अक्षरों में लिख दिया जाता है.

प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार मुहित चलाई जा रही है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बुधवार को राजधानी भोपाल के सीहोर रोड़ स्थित साई मावा ट्रेडिंग कंपनी पर निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण के दौरान यहां रक्षाबंधन के त्योहार पर भोपाल और सीहोर की दुकानों पर सप्लाई करने के लिए हलवा, बर्फी और अन्य स्वीट्स के पैकेट तैयार करके रखे गए थे. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब पैकिंग पर नजर डाली तो इसमें बहुत ही छोटे अक्षरों में इसको बनाने में उपयोग की गई सामग्री का उल्लेख किया गया था.
जब इसे बारीकी से पढ़ा गया तो इसमें पता चला कि इस मिठाई को बनाने में मिल्क सोल्डिस यानी मिल्क पाउडर, हाइड्रोजेनेटिड ऑयल, रिफाइंड पामोलिन ऑयल यानी ताड़ का ऑयल मिलाकर बनाया गया है. इसके बाद अधिकारियों ने दुकान पर पैक कर रखी गई ऐसी 114 किलोग्राम मिठाइयों को जब्त कर लिया और जांच के लिए इसके सैंपल लैब भेजे गए.
घी से लेकर पनीर तक, सब मिलावटी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव बताते हैं, '' त्योहार के समय मिठाइयों की बढ़ने वाली खपत को देखते हुए बड़ी मात्रा में बड़े शहरों में बाहर से मावा, पनीर, मिल्क केक और घी आ रहा है. नए-नए नाम से घी के ब्रांड बाजार में बेचे जा रहे हैं. प्रदेश में ऐसे करीबन 25 घी के ब्रांड जांच में असुरक्षित पाए गए हैं. इसमें पॉम ऑयल सहित अन्य मिलावट पाई गई हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग के कमिश्नर मनोज पुष्प बताते हैं कि पहले ग्वालियर चंबल इलाके से बड़ी मात्रा में दुग्ध उत्पाद आता था, लेकिन अब आसपास के राज्यों से भी बड़ी मात्रा में घी, मावा, पनीर आदि आ रहा है. हालांकि मिलावट रोकने के लिए महाराष्ट्र और गुजरात के खाद्य सुरक्षा विभाग को पत्र लिखकर ऐसे मिलावटखोरों पर कार्रवाई का आग्रह किया गया है.''
आप क्या खरीद रहे हैं पहले देख लें
सीनियर डायटीशियन डॉ. अमिता सिंह कहती हैं, '' आजकल पैकड्स फूड्स का चलन बढ़ा है. आमतौर पर लोग इसे खरीदते समय यह पढ़ना भी जरूरी नहीं समझते कि इसको बनाने में किन-किन सामग्री का उपयोग किया गया है. ऐसे कंपनियां भी प्रोडक्ट बनाने वाली सामग्रियों (इंग्रेडिएंट्स) के नए-नए नाम लिखती हैं, जिससे लोग इसे समझ न पाएं. मसलन मिल्क पाउडर को मिल्क सॉल्डिस और पॉम ऑयल को रिफाइंड पामोलिन लिख देते हैं. इसी तरह शुगर फ्री लिखा जाता है, लेकिन इसमें मॉल्टोडेक्सट्रिन, डेक्सस्ट्रोज को डाला जाता है, जो शुगर का ही दूसरा रूप है. ऐसे में प्रोडक्ट खरीदने से पहले इन चीजों को पढ़ना बहुत जरूरी है.''

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किस इंग्रेडिएंट्स से क्या नुकसान?
सीनियर डायटीशियन डॉ. अमिता सिंह कहती हैं, '' मिठाइयों में दूध के स्थान पर मिल्क पाउडर डाला जाता है, जिसमें सामान्य दूध के मुकाबले कैलोरी, शुगर, फैट की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे तेजी से वजन बढ़ता है. वहीं, रिफाइंड पामोलिन या पाम ऑयल हार्ट हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक होता है. इसके अलावा हाईड्रोजेनेटिड ऑयल यानी वनस्पति घी या डालडा भी शरीर में ट्रांस फैट को बढ़ाता है, जिससे सीधे कॉलेस्ट्रॉल, ट्रायग्लिसराइड्स, बैड कॉलेस्ट्रॉल बढ़ता है और इससे ह्रदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.''

