मनेंद्रगढ़ में बीपीसीएल के नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का शुभारंभ, घर-घर पहुंचेगी पाइप गैस
1125 करोड़ की लागत से सरगुजा संभाग के 5 जिलों को इस प्लांट से लाभ मिलेगा. 54 सब-स्टेशन के जरिए घर-घर पहुंचेगी पाइप गैस.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 12, 2026 at 8:11 PM IST
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: जिले में मनेंद्रगढ़ शहर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने छत्तीसगढ़ के पहले नेचुरल गैस पाइपलाइन प्लांट का उद्घाटन किया. इस परियोजना पर करीब 1125 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इससे सरगुजा संभाग के पांच जिलों को सीधा लाभ मिलेगा.
54 सब-स्टेशन से घर-घर पहुंचेगी पाइप गैस
इस योजना के तहत कुल 54 सब-स्टेशन बनाए जाएंगे. इनके माध्यम से घरों, दुकानों और संस्थानों तक पाइपलाइन से प्राकृतिक गैस पहुंचाई जाएगी. पाइप गैस शुरू होने के बाद लोगों को गैस सिलेंडर बुक कराने, लाने-ले जाने और स्टोर करने की परेशानी नहीं होगी. उपभोक्ता जितनी गैस इस्तेमाल करेंगे, उतना ही मासिक बिल भरेंगे. इससे सुविधा और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी.
स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा का विकल्प
प्राकृतिक गैस पारंपरिक ईंधन की तुलना में अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के लिए बेहतर होती है. इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और वायु प्रदूषण घटता है. इस परियोजना से क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी.

विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” विजन को मजबूत करेगी. उन्होंने बताया कि आधुनिक ऊर्जा सुविधाएं राज्य के विकास के लिए जरूरी हैं और यह योजना उसी दिशा में बड़ा कदम है.

रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ने की संभावना है. साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं. ऊर्जा की बेहतर उपलब्धता से व्यापार और आधारभूत ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी.
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत पहल
नेचुरल गैस पाइपलाइन परियोजना मनेंद्रगढ़ और सरगुजा संभाग को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले समय में इससे लोगों की जीवनशैली और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. मनेंद्रगढ़ को मिली यह सौगात आधुनिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा का प्रतीक बनकर सामने आई है.

