भरतपुर में रोचक मामला: एक वार्ड, एक प्रत्याशी, लेकिन टिकट दोनों प्रमुख दलों से...
प्रत्याशी मनोज सिंह ने भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने की बात कही.

Published : August 31, 2026 at 9:14 PM IST
भरतपुर: नगर निगम चुनाव में भरतपुर के वार्ड नंबर 19 की सियासत ने उस समय दिलचस्प मोड़ ले लिया, जब यहां एक ही प्रत्याशी मनोज सिंह को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपना उम्मीदवार बताया. भाजपा की ओर से मनोज सिंह को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बताते हुए चुनाव चिह्न देने की बात कही गई है. वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा का दावा है कि मनोज सिंह ने कांग्रेस से टिकट के लिए बाकायदा ऑनलाइन आवेदन किया. पार्टी की बैठकों में शामिल हुए और पर्यवेक्षकों के सामने भी टिकट की मांग रखी थी. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी का सिंबल दिया, लेकिन अब कांग्रेस इसे बगावत मानते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की बात कह रही है.
भाजपा जिलाध्यक्ष बोलीं-हमने दिया है टिकट: भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा ने साफ तौर पर कहा कि वार्ड नंबर 19 से मनोज सिंह को भाजपा ने टिकट दिया है. कांग्रेस ने उन्हें टिकट कैसे दिया, यह कांग्रेस का मामला है. दायमा ने कहा कि भाजपा की ओर से मनोज सिंह को अधिकृत तौर पर टिकट दिया गया है. भाजपा का चुनाव चिह्न भी उन्हें ही दिया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी उनके साथ है और उन्हें चुनाव जिताकर लाया जाएगा.
कांग्रेस का दावा-ऑनलाइन आवेदन से लेकर पर्यवेक्षकों तक मुलाकात: दूसरी तरफ कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने भाजपा के दावे पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मनोज सिंह ने कांग्रेस से टिकट के लिए बाकायदा आवेदन किया था. उन्होंने कहा कि मनोज सिंह कांग्रेस की बैठकों में लगातार शामिल हुए और पार्टी के पर्यवेक्षकों से भी मुलाकात की. सूपा के मुताबिक, मनोज सिंह ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसकी कॉपी उनके पास मौजूद है. मनोज सिंह हर बैठक में टिकट की मांग करते रहे और अपने समर्थकों को भी साथ लेकर पार्टी नेताओं से मिले.
पहले पार्षद रहे: कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि मनोज सिंह पहले पार्षद रह चुके हैं. वे पहले निर्दलीय पार्षद बने थे. बाद में कांग्रेस के साथ जुड़कर करीब पांच साल तक पार्टी के सहयोग में रहे. इसी पुराने जुड़ाव और वार्ड में उनकी मजबूत स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें पार्टी का सिंबल दिया. दिनेश सूपा ने कहा, यदि मनोज सिंह ने कांग्रेस से टिकट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भाजपा का टिकट स्वीकार किया है तो यह कांग्रेस के साथ धोखे जैसा है. इसका जवाब वार्ड नंबर 19 की जनता चुनाव में देगी.
कार्रवाई के संकेत: कांग्रेस ने मनोज सिंह के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए. जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने कहा कि पार्टी अब वार्ड में अपने समर्थित उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने या जो उम्मीदवार मजबूत स्थिति में होगा, उसके पक्ष में काम करने पर विचार करेगी. पार्टी का प्रयास होगा कि मनोज सिंह को चुनाव में हराया जाए. कांग्रेस से उन्हें निष्कासित करने की कार्रवाई भी की जाएगी.
भाजपा के टिकट पर लड़ रहा हूं: दोनों दलों के बीच चल रहे इस सियासी दावे-प्रतिदावे के बीच खुद प्रत्याशी मनोज सिंह ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी. उनका कहना है कि वह भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में वार्ड नंबर 19 में अब मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि एक ही प्रत्याशी को लेकर दो प्रमुख राजनीतिक दलों के दावों के बीच भी बन गया है. भाजपा जहां मनोज सिंह को अपना अधिकृत उम्मीदवार बताते हुए चुनाव जिताने का दावा कर रही है. वहीं कांग्रेस उनके पुराने जुड़ाव, टिकट आवेदन और पार्टी की प्रक्रिया का हवाला देते हुए इसे अपने साथ हुआ धोखा बता रही है.

